जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में हॉस्टल फीस के ढांचे में बदलाव के बावजूद छात्रों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है. छात्र एक बार फिर गुरुवार को प्रशासनिक भवन में घुसे और हंगामा किया. इस बीच कुछ शरारती तत्वों ने स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर अभद्र टिप्पणियां कर दीं.
उधर, छात्र नेताओं ने एक बयान जारी कर कहा कि उनका मकसद छात्रों की बुनियादी सुविधाएं के लिए संघर्ष करना है. उन्होंने प्रतिमा की खुद सफाई करके कहा कि ऐसी हरकतों के जरिए मुद्दे को भटकाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी. छात्रों का हड़ताल आज भी जारी रहेगा.
विकेकानंद की मूर्ति के पास आपत्तिजनक नारे
कैंपस में कपड़े से ढककर रखी गई विकेकानंद की मूर्ति के आसपास आपत्तिजनक नारे लिखे गए थे. दीवारों पर वीसी के खिलाफ भी नारे लिखे गए. यह मूर्ति जनवरी में प्रशासन की ओर से लागई गई थी, लेकिन अब तक इसका अनावरण नहीं हुआ है. जेएनयू छात्र संघ का कहना है कि इस घटना के जरिए आंदोलन से ध्यान भटकाने की कोशिश हो रही है.
एनएसयूआई अध्यक्ष सनी धीमान ने इस घटना की निंदा करते कहा कि मुझे नहीं लगता है कि जेएनयू का कोई भी छात्र ऐसा कर सकता है. उन्होंने बताया कि मूर्ति को क्षतिग्रस्त नहीं किया गया, बल्कि इस पर कुछ लिख दिया गया था. हालांकि अब हमने इसे साफ कर दिया है.
वहीं, जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बाद मोदी सरकार ने आखिरकार बढ़ी हुई हॉस्टल फीस रिवाइज कर दी है जो कि आंशिक रूप से प्रस्तावित फीस स्ट्रक्चर से कम है. साथ ही गरीब छात्रों को आर्थिक सहायता देने के लिए एक योजना प्रस्तावित की गई है.
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