दिल्ली सरकार ‘जहां झुग्गी वहां मकान’ स्कीम के तहत 5 हजार 594 लोगों को फ्लैट देने का ऐलान किया है. शहरी विकास मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि ये फ्लैट जहांगीरपुरी के भलस्वा, संगम पार्क, करोल बाग के देव नगर और लाजपत नगर के कस्तूरबा निकेतन में बनाए जाएंगे. इनकी कुल लागत 737 करोड़ रुपये आएगी और इन फ्लैट को बनाने में कुल 18 महीने का वक्त लगेगा.
सत्येंद्र जैन के मुताबिक जनवरी 2019 से फ्लैट का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा. शहरी विकास मंत्री ने आगे बताया कि इन फ्लैट में ईंटों की दीवारों की जगह आरसीसी की दीवारें बनाई जाएंगी. इससे फ्लैट की मेंटेनेन्स में सहूलियत रहती है और फ्लैट की लाइफ भी ज्यादा होती है.
मंत्री का कहना है कि इन प्रोजेक्ट में एसटीपी, सोलर पैनल, कम्युनिटी हॉल और अन्य सामुदायिक सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी. इस हाउसिंग प्रोजेक्ट के तहत जहांगीरपुरी के भलस्वा में 3780, संगम पार्क में 582, लाजपत नगर के कस्तूरबा निकेतन में 448 और करोलबाग के देव नगर में 784 फ्लैट बनाए जाएंगे.
शुक्रवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में दिल्ली अर्बन शेल्टर इंप्रूवमेंट बोर्ड (डीयूएसआईबी) की 24वीं मीटिंग में फैसले लिए गए. बोर्ड मीटिंग में तय हुआ कि अब झुग्गी बस्तियों के अंदर बने टायलेट की मेंटनेंस प्रोफेशनल एजेंसियां करेंगी. दिल्ली की सभी झुग्गी बस्तियों में बने जनसुविधा कॉम्पलेक्स की सेवाएं एक जनवरी 2018 से मुफ्त कर दी गई हैं.
इन जनसुविधा कॉम्पलेक्स में बेहतर साफ-सफाई और मेंटेनेंस सुनिश्चित करने के लिए ये फैसले लिए गए. दिल्ली की विभिन्न झुग्गी बस्तियों में कुल 555 टॉयलेट कॉम्पलेक्स में तकरीबन 18,000 टॉयलेट सीट हैं. इन प्रोफेशनल एजेंसियों का पेमेंट सोशल ऑडिट के बाद किया जाएगा. इनका इस्तेमाल करने वाले लोगों और चुने हुए जनप्रतिनिधियों की संतुष्टि के बाद इनके पेमेंट का भुगतान किया जाएगा.
डीयूएसआईबी की बोर्ड मीटिंग में ये भी फैसला लिया गया कि दिल्ली की सभी झुग्गी बस्तियों में सड़कों और नालियों का निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा. इसके अलावा इन बस्तियों में रोशनी के पर्याप्त इंतजाम के लिए सभी जरूरी जगहों पर लाइटें लगाई जाएंगी. इन कामों के लिए अलग से 100 करोड़ रुपये का इंतजाम किया गया है. अगले 9 महीने के भीतर इन कामों को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
राम कृष्ण / पंकज जैन