जर्मनी के चांसलर ओलाफ स्कोल्ज दो दिन की यात्रा पर शनिवार को भारत पहुंचे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के हैदराबाद हाउस में आज जर्मन चांसलर के साथ बैठक की. बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी और ओलाफ स्कोल्ज ने संयुक्त रूप से प्रेस को संबोधित किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा से इस विवाद को बातचीत और कूटनीति के माध्यम से हल करने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि सुरक्षा और रक्षा सहयोग हमारी रणनीतिक साझेदारी का अहम स्तंभ बन सकता है. पीएम ने कहा कि बातचीत के जरिए ये युद्ध जल्द से जल्द समाप्त होना चाहिए. पीएम ने कहा कि भारत किसी भी शांति प्रक्रिया में योगदान के लिए पूरी तरह से तैयार है.
पीएम मोदी और चांसलर स्कोल्ज दोनों ने व्यापार और निवेश साझेदारी की सराहना की. पीएम मोदी ने मैन्युफैक्चरिंग और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में जर्मन व्यवसायों और निवेश को आमंत्रित किया. दोनों ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी चर्चा की.
दोनों देशों ने विजन डॉक्यूमेंट के 5 मुद्दों पर फोकस किया. जिनमें ऊर्जा साझेदारी क्लीन टेक्नोलॉजी, ग्रीन हाइड्रोजन, फिनटेक सहित डिजिटल तकनीक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अगली पीढ़ी के दूरसंचार क्षेत्र में सहयोग का अवसर शामिल रहे.
पीएम मोदी ने कहा कि जर्मनी यूरोप में हमारा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार होने के अलावा निवेश का महत्वपूर्ण स्रोत है. हम सुरक्षा और रक्षा सहयोग में संबंधों का विस्तार करने की दिशा में काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारत और जर्मनी दो सबसे बड़ी लोकतांत्रिक अर्थव्यवस्थाओं के बीच बढ़ता सहयोग दोनों देशों के लिए फायदेमंद है. ये दुनिया को सकारात्मक संदेश देता है.
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