सोचिये किसी ट्रेन ऑपरेटर की देखरेख के बिना ही, मेट्रो कोच के अंदर ऑपरेशंस कंट्रोल सेंटर (OCC) से 'वेक अप' की आवाज आएगी. OCC जो हर रात 'स्लीप मोड' में चला जाता है, उसे एक्शन में देखा जाएगा. कोच में रोशनी चालू हो जाएगी, इंजन शुरू हो जाएंगे और वॉशिंग प्लान्ट्स में जाने से पहले, ट्रेनों की टेकनिकल फिटनेस का ऑटोमेटिक सेल्फचेक होगा. मेट्रो बिना ड्राइवर के चलेगी.
दिल्ली मेट्रो को दुनिया के सबसे एडवान्स्ड मेट्रो सिस्टम्स में लाने की तैयारी हो रही है. जैसे सिंगापुर, बीजिंग और दुबई में है. वैसे ही लाइन 7( मजलिस पार्क से शिव विहार तक) और लाइन 8( जनकपुरी वेस्ट से बोटेनिकल गार्डन) पर ड्राइवर्स के बिना मेट्रो चलेगी. इन मेट्रो को रिमोट कंट्रोल्ड बनाया जाएगा. बाराखंबा रोड के मेट्रो भवन में नया ऑपरेशन्स कंट्रोल सेंटर`(OCC) बनाया जाएगा जहां से रिमोट कंट्रोलिंग होगी. इस कदम से दिल्ली मेट्रो के एक नए अध्याय की शुरुआत होगी.
नई तकनीक लाई जाएगी
DMRC के प्रवक्ता अनुज दयाल का कहना है, 'ड्राइवरलेस मेट्रो की तैयारी के लिए, हम प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर्स और पैसेंजर अलार्म बटन जैसी चीजें मेट्रो में लाएंगे. प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर्स से अतिरिक्त सेफ्टी हो जाएगी. जिससे पैसेंजर्स की मेट्रो ट्रैक पर गिरने और दरवाजों के बीच फसने की संभावना कम हो जाएगी. किसी परेशानी के समय, यात्री OCC से अलार्म बटन दबाकर जुड़ सकता है. जैसे ही यात्री बटन दबाएगा, वैसे ही OCC में उसकी शक्ल स्क्रीन पर खुल जाएगी.'
और CCTV कैमरे लगाए जाएंगे
आगे उन्होंने कहा कि हर कोच में 4 CCTV कैमरे लगाए जाएंगे. OCC में उसी समय देखा जा रहा होगा कि मेट्रो के अंदर क्या चल रहा है. हाल फिलहाल मेट्रो ट्रेन्स के अंदर 10 हजार वर्किंग कैमरे हैं. दिल्ली मेट्रो में देश का सबसे बड़ा CCTV नेटवर्क है. इस साल के अंत तक ये आंकड़ा 15 हजार छू लेगा.
लव रघुवंशी