दिल्ली के कन्हैया नगर में एक निजी स्कूल वैन और दूध टैंकर की टक्कर में 7 साल की मासूम की मौत हो गई. हादसे में एक दर्जन से ज्यादा स्कूली बच्चे घायल हो गए. मृतक बच्ची के घर मातम पसर गया है और माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है.
पिता संदीप ने अपनी 7 साल की मासूम बच्ची गरिमा को कन्हैया नगर स्कूल वैन हादसे में खो दिया. घर की बड़ी बेटी के जाने से हर कोई गमजदा है. घर में गरिमा को प्यार से साक्षी बुलाया करते थे और वह बड़ी होकर डॉक्टर बनना चाहती थी. लेकिन किसी और की लापरवाही की कीमत उसे अपनी जान देकर चुकानी पड़ी.
संदीप बताते हैं कि वैन का ड्राइवर जब भी गरिमा को छोड़ता तो घर से बहुत दूर छोड़कर चला जाता इस बार उन्होंने सख्त हिदायत दी थी कि वह बच्ची को घर के नजदीक छोड़कर जाए. लेकिन ड्राइवर की लापरवाही से अब बच्ची इतनी दूर चली गई कि कभी लौट कर वापस ना आ सकेगी.
गरिमा के पिता ने कहा कि जब भी वह गरिमा को घर छोड़ता तो वैन में सिर्फ 7-8 बच्चे ही होते थे. उन्हें यह जानकर हैरानी हुई कि वैन में बच्चों को उनकी बेटी के साथ ठूंस-ठूंसकर भरा गया था. ड्राइवर ने रॉग साइड ली और वैन में सबसे पीछे बैठी गरिमा इस हादसे का शिकार हो गई, उसके सिर में चोट आई थी.
गरिमा इस दुनिया से चली गई लेकिन घायल बच्चों के परिजन भी इस हादसे से सदमे में हैं. रितेश (14) और तरुण (12) भी केन्दीय विद्यालय में 8वीं के छात्र हैं. दोनों सुबह 7 बजे तक स्कूल पहुंच जाते हैं, लेकिन साढ़े 6 बजे घर से स्कूल के लिए निकले ही थे कि 15 मिनट बाद बच्चों के साथ हुए हादसे की खबर परिजनों को लगी. हादसे में दोनों छात्रों गंभीर रूप से जख्मी हैं. 18 घायल बच्चों में से 4 को सिविल लाइन के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है.
पुलिस ने जांच में पाया कि हादसे के वक़्त ड्राइवर गलत दिशा में वैन चला रहा था. इस वैन में केंद्रीय विद्यालय समेत 2 स्कूलों के बच्चे बैठे थे. बताया जा रहा है कि ये हादसा यू टर्न लेते वक्त हुआ. वैन में क्षमता से अधिक बच्चे मौजूद थे.
राम किंकर सिंह