उमर खालिद और शरजील इमाम को मिलेगी बेल? 5 जनवरी को फैसला सुनाएगा सुप्रीम कोर्ट

दिल्ली के 2020 सांप्रदायिक दंगों से जुड़े यूएपीए मामले में सुप्रीम कोर्ट 5 जनवरी को उमर खालिद, शरजील इमाम समेत सात आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर फैसला सुनाएगा. यह निर्णय जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन वी अंजारिया की पीठ देगी.

Advertisement
उमर खालिद, शरजील इमाम और अन्य पांच आरोपियों की जमानत याचिका पर SC सोमवार को अपना फैसला सुनाएगा. (File Photo: ITG) उमर खालिद, शरजील इमाम और अन्य पांच आरोपियों की जमानत याचिका पर SC सोमवार को अपना फैसला सुनाएगा. (File Photo: ITG)

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 03 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:21 PM IST

दिल्ली में साल 2020 में हुए सांप्रदायिक दंगे के मामले में आरोपी उमर खालिद, शरजील इमाम समेत सात आरोपियों की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार 5 जनवरी को अपना फैसला सुनाएगा. जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन वी अंजारिया की पीठ यह निर्णय सुनाएगी.

दिल्ली दंगों में आरोपी शरजील इमाम और उमर खालिद के अलावा मीरान हैदर, गुल्फिशा फातिमा, शिफा उर रहमान, मुहम्मद शकील खान और शादाब अहमद की जमानत याचिका पर भी 5 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट फैसला सुनाएगा.

Advertisement

ममदानी ने उमर खालिद को लिखा पत्र

हाल ही में न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी की ओर से उमर खालिद को लिखे एक पत्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. भारतीय जनता पार्टी ने ममदानी पर भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने का आरोप लगाया है. ममदानी ने जेल में बंद उमर खालिद के नाम एक पत्र लिखा है. 

यह चिट्ठी उमर खालिद की साथी बानो ज्योत्सना लाहिरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर की. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने सवाल उठाया कि न्यूयॉर्क के मेयर को भारत के लोकतंत्र और न्यायपालिका पर टिप्पणी करने का क्या अधिकार है. 

'किसी बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा'

उन्होंने कहा कि अगर कोई भारत की संप्रभुता को चुनौती देगा तो 140 करोड़ भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एकजुट होकर इसका जवाब देंगे. भाटिया ने यह भी कहा कि भारत की जनता को अपनी न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और किसी बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement