उत्तरी दिल्ली नगर निगम के लिए जी का जंजाल बना रानी झांसी फ्लाईओवर आम लोगों के लिए खुल गया है. इस फ्लाईओवर का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पूरी, डॉक्टर हर्षवर्धन और विजय गोयल ने किया. इस अवसर पर दिल्ली बीजेपी के प्रभारी श्याम जाजू और उत्तरी दिल्ली नगर निगम के मेयर भी मौजूद रहे.
आपको बता दें कि इस फ्लाईओवर को 'डेडलाइन फ्लाईओवर' भी कहा जाता है, क्योंकि ये दिल्ली का सबसे ज्यादा डेडलाइन मिस करने वाला फ्लाईओवर है. इसका निर्माण कार्य साल 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स के समय ही पूरा होना था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका. इतने वर्षों की देरी के बाद बनकर तैयार हुआ यह फ्लाईओवर अब आम लोगों के लिए खोल दिया गया है. पुरानी दिल्ली के लिए यह फ्लाईओवर लाइफलाइन का काम करेगा.
दअरसल, एक दर्जन से ज़्यादा सरकारी एजेंसियों के बीच आपस में तालमेल न होने की वजह से यह फ्लाईओवर लगातार खिंचता चला जा रहा था. दिल्ली जल बोर्ड, दिल्ली पावर, पीडब्ल्यूडी, एमसीडी, जल बोर्ड, रेलवे जैसी एजेंसियों में ही आपस में कोऑर्डिनेशन नहीं हो पा रहा था, तो वहीं दूसरी ओर लोगों के घर, मंदिर और मस्जिद भी इस फ्लाईओवर के बीच में पड़ रहे थे.
इस फ्लाईओवर का प्रस्ताव साल 1997 में लाया गया था, जिसको बनाने की लागत 70 करोड़ रुपये तय की गई थी. हालांकि इस पर काम साल 2008 में शुरू किया गया, तब तक इसकी लागत बढ़कर 200 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई थी और अब 2018 है, तो जाहिर सी बात है कि इसकी लागत कीमत भी बढ़ेगी. इसके निर्माण कार्य में कुल 800 करोड़ रुपये की लागत आई है.
ये फ्लाईओवर करीब 2 किलोमीटर लंबा है, जो सेंट स्टीफंस अस्पताल से शुरू होकर रानी झांसी चौराहे तक जाएगा. इससे पुरानी दिल्ली से आसानी से धौलाकुंआ तक जाया जा सकेगा. इस फ्लाईओवर से पूसा रोड, अपर रिज रोड और रोहतक रोड से फिल्मिस्तान सिनेमा, आजाद मार्केट, डीसीएम चौक और रौशनारा रोड से आईएसबीटी तक जाया जा सकेगा. इससे लोगों को ट्रैफिक जाम से भी राहत मिलेगी.
राम कृष्ण / रोहित मिश्रा