दिल्ली हाईकोर्ट ने वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ दायर किए गए मानहानि केस को जॉइंट रजिस्ट्रार के पास से वापस ले लिया है.
साथ ही जॉइंट रजिस्ट्रार के उस आदेश को भी निरस्त कर दिया है जिसमें उन्होंने अगली सुनवाई यानी 12 फरवरी को केजरीवाल के वकील को वित्त मंत्री अरुण जेटली के क्रॉस एग्जामिनेशन को खत्म करने के निर्देश दिए थे.
दरअसल, जॉइंट रजिस्ट्रार से आए निर्देश को केजरीवाल के वकीलों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी और उस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आदेश दिया कि अब इस मामले को जॉइंट रजिस्ट्रार से वापस लेकर सिंगल बेंच में भेजा जाएगा.
केजरीवाल के वकीलों की तरफ से तर्क दिया गया कि क्रॉस एग्जामिनेशन के लिए सिर्फ 1 दिन ही दिया गया तो मामले में निष्पक्ष जांच की उनके अधिकार का हनन होगा. जो कि नियमों के भी खिलाफ है. इस मामले में अपने आदेश में कहा था कि मानहानि केस में आठ अलग-अलग सुनवाई हुई हैं. इसमें मुख्यमंत्री ने 260 सवाल पूछे हैं और इसमें काफी सारे सवाल दोहराएं भी गए हैं.
जेटली ने केजरीवाल, कुमार विश्वास, आशुतोष, संजय सिंह, राघव चड्ढा, दीपक वाजपेयी समेत छह लोगों के खिलाफ 10 करोड़ का सिविक मानहानि मामला हाईकोर्ट में दायर किया था.
सभी ने जेटली पर दिल्ली एंड डिस्ट्रिक क्रिकेट एसोसिएशन में रहते हुए भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए बयान दिए थे. जेटली का तर्क था कि इससे उनकी व उनके परिवार की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है. मामले की अगली सुनवाई 12 फरवरी को होगी.
अजीत तिवारी / पूनम शर्मा