कच्ची कॉलोनियों को मालिकाना हक देने का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है. सोमवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कच्ची कॉलोनियों की रजिस्ट्री न करने का धोखा देने का आरोप लगाते हुए मोदी सरकार को जमकर घेरा. केजरीवाल ने चेतावनी दी है कि अगर कच्ची कॉलोनी में रहने वाले लोगों को रजिस्ट्री नहीं मिलती है तो वो आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे.
अरविंद केजरीवाल ने कहा, 'कच्ची कॉलोनियों को रजिस्ट्री दिलाने के लिए संसद में आवाज उठा रहे हैं, सड़क पर भी आवाज उठाएंगे, मोहल्ला-मोहल्ला में आवाज उठाएंगे. कच्ची कॉलोनी को पक्का नहीं किया तो पूरी दिल्ली में आंदोलन होगा.'
'4 साल लगातार रजिस्ट्री के लिए संघर्ष'
केजरीवाल ने मीडिया के सवाल के जवाब में कहा, 'संसद के शीतकालीन सत्र में बिल ना लाने से यह साफ हो गया है कि कच्ची कॉलोनियों की रजिस्ट्री पर नीयत खराब है. हमने दिल्ली में सरकार बनने के तत्काल बाद 12 नवंबर 2015 को कच्ची कॉलोनियों को वैध करने का प्रस्ताव भेजा. फिर 4 साल लगातार रजिस्ट्री के लिए संघर्ष किया, दबाव बनाया.
'रजिस्ट्री का काम रोकने के प्रयास किए गए'
केजरीवाल ने दावा करते हुए कहा, 'कच्ची कॉलोनियों की रजिस्ट्री का काम रोकने के लिए सभी तरह के प्रयास किए. सेटलाइट सर्वे को मना किया. टीएसएम सर्वे कराने को कहा, जिससे चार-पांच साल का समय लग सके. हम फिर भी नहीं माने और केंद्र सरकार पर कच्ची कॉलोनियों की रजिस्ट्री के लिए नियम बनाने के लिए चार साल दबाव बनाए रखें. उसी दबाव में कुछ दिनों पहले केंद्रीय कैबिनेट ने कच्ची कॉलोनियों की रजिस्ट्री के बिल को मंजूरी तो दे दी, लेकिन अब फिर से इसे लटका दिया गया.
अरविंद केजरीवाल ने कहा, 'कच्ची कॉलोनियों में रहने वाले चिंता न करें, हम सारी कॉलोनियों को पक्का करा कर ही चैन की सांस लेंगे. केजरीवाल हाथ में रजिस्ट्री दिलाएगा. कच्ची कॉलोनी में रहने वाले लाखों लोगों को उनका हक दिलवा कर ही दम लूंगा.'
लोगों को मालिकाना हक का इंतजार
बता दें कि चुनाव से पहले दिल्ली में कच्ची कॉलोनियों को लेकर राजनीति तेज हो गई है. कच्ची कॉलोनियों में रहने वाले एक लंबे समय से मालिकाना हक का इंतजार कर रहे हैं. हाल ही में आम आदमी पार्टी ने कच्ची कॉलोनी की रजिस्ट्री के मुद्दे पर बीजेपी के खिलाफ धोखा दिवस भी मनाया था, जबकि बीजेपी दावा कर रही है कि वो आगामी चुनाव के मैदान में कच्ची कॉलोनियों को रजिस्ट्री देकर ही उतरेगी.
पंकज जैन