दिल्ली बीजेपी ने 50 हजार स्कूली बच्चों को मास्क बांटने के अभियान की शुरुआत की है. खास बात ये है कि ये मास्क सिख समाज द्वारा पहने जाने वाली पगड़ियों से बना है. ये अनूठी पहल जम्मू से लेकर हैदराबाद तक चल रही है और अब इसकी शुरुआत दिल्ली में भी की गई है. इन मास्क को दिल्ली नगर निगम में पढ़ने वाले बच्चों को बांटा जाएगा.
दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा, 'दिल्ली में स्कूल खुलने में देरी है इसलिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए बीजेपी कार्यकर्ता घर-घर जाकर स्कूली बच्चों के अभिभावकों को पगड़ियों से बने मास्क देंगे. इस संकट के समय में भी देश के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए हमारे सिख बंधु इस अभियान के जरिए लोगों की मदद कर रहे हैं. समाज में कई ऐसे वर्ग हैं जिन्हें हम लगातार भोजन और राशन किट पहुंचा रहे हैं और अब उनके बच्चों के लिए निःशुल्क पगड़ियों से बने वॉशेबल मास्क का भी लाभ मिलेगा.'
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मास्क सूती और मलमल की पगड़ियों से तैयार
उन्होंने कहा, 'पगड़ियां सिखों की शान होती है और उपयोग में लाए जाने के बाद भी हर सिख परिवार के पास पगड़ियां रहती हैं. कोविड-19 संक्रमण के आने के बाद मास्क के दाम बढ़ गए, निम्न वर्ग का परिवार प्रतिदिन डिस्पोजेबल मास्क के खर्चे को भी वहन नहीं कर सकता था और यह डिस्पोजेबल मास्क पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित नहीं है जिसे देखते हुए सिख बंधुओं ने मिलकर स्कूली बच्चों के लिए पगड़ियों से मास्क बनाने की मुहिम को चलाया.'
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आदेश गुप्ता बोले, 'इस मुहिम से जुड़ने के लिए देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी सिख परिवार भी आगे आए हैं. हजारों सिख परिवारों ने मास्क बनाने के लिए पगड़ियां दान में दी हैं. मास्क को सिलने में हर धर्म के लोगों ने अपना योगदान दिया और इसे सिलते वक्त साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन का विशेष ध्यान रखा. मास्क बनाने के दौरान ऐसे कई कारीगरों को काम मिला जो लॉकडाउन के कारण खाली थे और उनके पास आय का कोई जरिया नहीं था.' उन्होंने बताया कि यह मास्क सूती और मलमल की पगड़ियों से तैयार किए गए हैं जिसे धोकर पुनः प्रयोग किया जा सकता है.
रोहित मिश्रा