दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल ने केंद्र और दिल्ली सरकार दोनों के स्वास्थ्य सचिव को पत्र लिखकर दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में सेक्स री-असाइनमेंट सर्जरी की उपलब्धता में कमी पर हस्तक्षेप करने की मांग की है.
दिल्ली महिला आयोग ने हाल ही में ट्रांसजेंडर समुदाय के साथ हिंसा, दुर्व्यवहार, उत्पीड़न और भेदभाव इत्यादि की शिकायतों को देखने के लिए एक ट्रांसजेंडर सेल की स्थापना की थी. आयोग के समुदाय के लोगों के साथ बैठकों के दौरान कई मुद्दे उठाए गए. उन मुद्दों में एक बड़ा मुद्दा दिल्ली में सरकार द्वारा प्रायोजित सेक्स री-असाइनमेंट सर्जरी का अभाव था.
आयोग को बताया गया कि राजधानी के कुछ ही अस्पतालों में सेक्स री-असाइनमेंट सर्जरी की सुविधा उपलब्ध थी और इसलिए लोगों को सर्जरी करवाने के लिए देरी का सामना करना पड़ रहा है. यह एक मूलभूत मुद्दा है, क्योंकि उचित चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में ट्रांसजेंडर लोगों को बहुत परेशानी होती है. आयोग ने हाल ही में लोकसभा में पारित ट्रांसजेंडर विधेयक, 2019 के लिए केंद्र सरकार को सिफारिशें भेजी थीं.
दिल्ली महिला आयोग ने मामले में दिल्ली और केंद्र सरकार दोनों को पहले एक नोटिस जारी किया था और राजधानी में सेक्स री-असाइनमेंट सर्जरी कि सुविधा देने वाले अस्पतालों का विवरण मांगा था. दिल्ली सरकार ने अपने जवाब में बताया कि उसके किसी भी अस्पताल में सेक्स री-असाइनमेंट सर्जरी नहीं की गई थी. केंद्र ने बताया कि दिल्ली के केवल एक अस्पताल आरएमएल अस्पताल में सेक्स री-असाइनमेंट सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है.
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल ने दिल्ली और केंद्र के स्वास्थ्य सचिव को पत्र लिखकर अपने अस्पतालों में मुफ्त सेक्स री-असाइनमेंट सर्जरी का प्रावधान शुरू करने का अनुरोध किया. आयोग ने उनसे मामले में एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) भी मांगी है.
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल ने कहा, 'राजधानी में कई ट्रांसजेंडर हैं, जो सेक्स री-असाइनमेंट सर्जरी के अभाव में बहुत समस्याएं झेलते हैं. मुफ्त और उचित चिकित्सा सेवाओं तक पहुंच उनका अधिकार है और राज्य द्वारा इसकी गारंटी दी जानी चाहिए. मैं केंद्र और राज्य से अपील करता हूं कि ट्रांसजेंडर्स की जरूरतों को पूरा करने के लिए उनके सभी अस्पतालों में सेक्स री-असाइनमेंट सर्जरी शुरू की जाए.'
पुनीत शर्मा