दिल्लीः जम्मू कश्मीर हाउस के बाहर बढ़ी सुरक्षा, बताई जा रही ये वजह

चाणक्यपुरी की एसीपी प्रज्ञा आनंद ने खुद जम्मू कश्मीर हाउस पहुंचकर सुरक्षा इंतजामात की जानकारी ली. जम्मू कश्मीर हाउस के बाहर पैरा मिलिट्री फोर्स के साथ ही दिल्ली पुलिस के जवानों को भी तैनात किया गया है.

Advertisement
एसीपी भी पहु्ंचीं मौके पर एसीपी भी पहु्ंचीं मौके पर

पुनीत शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 01 मई 2020,
  • अपडेटेड 5:19 PM IST

  • एसीपी चाणक्यपुरी प्रज्ञा आनंद ने पहुंच कर ली जानकारी
  • पैरा मिलिट्री फोर्स के साथ तैनात हुए दिल्ली पुलिस के सिपाही

कोरोना वायरस की महामारी के बीच पुलिस की जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं. देश में लागू लॉकडाउन का अनुपालन कराने से लेकर जरूरतमंदों तक आवश्यक वस्तुएं पहुंचाने और कोरोना के संदिग्ध मरीजों को अस्पताल पहुंचाने तक, सबका दायित्व पुलिस के कंधों पर है. अब दिल्ली में जम्मू कश्मीर हाउस के बाहर सुरक्षा के प्रबंध और कड़े कर दिए गए हैं.

Advertisement

कोरोना पर फुल कवरेज के लि‍ए यहां क्ल‍िक करें

चाणक्यपुरी की असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर (एसीपी) प्रज्ञा आनंद ने खुद जम्मू कश्मीर हाउस पहुंचकर सुरक्षा इंतजामात की जानकारी ली. जम्मू कश्मीर हाउस के बाहर पैरा मिलिट्री फोर्स के साथ ही दिल्ली पुलिस के जवानों को भी तैनात किया गया है. इस संबंध में सूत्रों का कहना है कि जवानों की संख्या इसलिए बढ़ाई गई है, क्योंकि अन्य राज्यों में फंसे लोगों के लिए आए गृह मंत्रालय के आदेश के आधार पर किसी अफवाह के कारण कहीं लोगों की भारी भीड़ ना एकत्रित हो जाए.

कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें...

सूत्रों का कहना है कि जम्मू कश्मीर के निवासी भी बड़ी तादाद में दिल्ली में रहते हैं. ये भी लॉकडाउन के कारण फंसे हैं. इनमें से कई लोग पिछले दिनों जम्मू कश्मीर हाउस पहुंचे थे. ये सभी यह जानने पहुंचे थे कि उनको वापस भेजने के लिए क्या प्रबंध हैं. सूत्रों की मानें तो इसे देखते हुए ही चाणक्यपुरी स्थित जम्मू कश्मीर हाउस की सुरक्षा और कड़ी की गई है.

Advertisement

देश-दुनिया के किस हिस्से में कितना है कोरोना का कहर? यहां क्लिक कर देखें

बता दें कि लॉकडाउन के कारण देश में बस और ट्रेन के परिचालन के साथ ही हवाई जहाजों की उड़ानें भी बंद चल रही हैं. बड़ी संख्या में लोग अपने राज्य से बाहर फंसे हुए हैं. अब गृह मंत्रालय की ओर से जारी किए गए नए आदेश में यह कहा गया था कि राज्य चाहें तो किसी अन्य राज्य में फंसे अपने नागरिकों को सुरक्षा मानकों और सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए वापस बुला सकते हैं.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement