डॉ. सुनील कुमार को हटाकर डॉ. रौतेला बनाए गए GTB अस्पताल के नए मेडिकल डायरेक्टर

दिल्ली सरकार का गुरु तेग बहादुर अस्पताल दिल्ली में कोरोना का दूसरा सबसे बड़ा अस्पताल है, जिसमें 1500 बेड की क्षमता है. 30 मई को आदेश जारी कर गुरु तेग बहादुर अस्पताल को पूर्ण रूप से कोरोना हॉस्पिटल में तब्दील कर दिया गया था.

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फाइल फोटो- इंडिया टुडे फाइल फोटो- इंडिया टुडे

पंकज जैन

  • नई दिल्ली,
  • 28 जून 2020,
  • अपडेटेड 5:02 PM IST

  • कोरोना का इलाज कर रहा दिल्ली सरकार का दूसरा सबसे बड़ा अस्पताल है GTB
  • दिल्ली के उपराज्यपाल ने डॉ. आर. एस रौतेला की नियुक्त का आदेश किया जारी

देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना का इलाज कर रहे दूसरे सबसे बड़े दिल्ली सरकार के अस्पताल गुरु तेग बहादुर (GTB) में बड़ा आधिकारिक बदलाव किया गया है. जीटीबी अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर पद से डॉ. सुनील कुमार को हटा दिया गया है. उनकी जगह डॉ. आर. एस. रौतेला को जीटीबी अस्पताल का नया मेडिकल डायरेक्टर बनाया गया है.

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अभी तक डॉ. रौतेला एनेस्थीसिया विभाग में कार्यरत थे. दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है. डॉ. सुनील कुमार काफी समय से मेडिकल डायरेक्टर पद पर कार्यरत थे. उपराज्यपाल ने डॉ. रौतेला की नियुक्ति का आदेश जारी कर दिया है. उपराज्यपाल ने अपने आदेश में कहा कि अब तक डॉ. आर. एस. रौतेला GTB अस्पताल में एनेस्थीसिया विभाग के डायरेक्टर प्रोफेसर के पद पर कार्य कर रहे थे.

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इससे पहले मेडिकल डायरेक्टर रहे डॉ. सुनील कुमार को तत्काल प्रभाव से इस पद से हटाया गया है. हालांकि आदेश के मुताबिक डॉ. सुनील कुमार जीटीबी अस्पताल के सर्जरी विभाग में डायरेक्टर प्रोफेसर के पद पर कार्य करते रहेंगे.

जीडीबी हॉस्पिटल में फेरबदल उस समय देखने को मिला है, जब दिल्ली में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या लगातार तेजी से बढ़ती जा रही है. अब तक दिल्ली में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या 77 हजार 239 से ज्यादा हो चुकी है, जिनमें से 2 हजार 492 लोग दम तोड़ चुके हैं. इसके अलावा 47 हजार 91 लोग इलाज से ठीक हो चुके हैं.

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आपको बता दें कि दिल्ली सरकार का गुरु तेग बहादुर अस्पताल दिल्ली में कोरोना का दूसरा सबसे बड़ा अस्पताल है, जिसमें 1500 बेड की क्षमता है. 30 मई को आदेश जारी कर गुरु तेग बहादुर अस्पताल को पूर्ण रूप से कोरोना हॉस्पिटल में तब्दील कर दिया गया था.

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इससे पहले मई के महीने में 2000 बेड वाले लोकनायक जयप्रकाश (LNJP) हॉस्पिटल के सबसे बड़े अधिकारी डॉक्टर जे. सी. पासी को हटा दिया गया था. पासी की जगह तब डॉ सुरेश कुमार लोकनायक को LNJP हॉस्पिटल का कार्यभार दिया गया था.

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