दिल्ली में शराब के दामों में बढ़ोतरी को लेकर दाखिल याचिका पर केजरीवाल सरकार ने अपना जवाब दिया है. दिल्ली सरकार ने कहा कि शराब की ब्रिकी और खरीद मौलिक अधिकार नहीं है. राज्य उत्पाद शुल्क विभाग बिक्री को नियंत्रित और प्रतिबंधित कर सकता है, क्योंकि शराब स्वास्थ्य के लिए खतरनाक और हानिकारक है.
दिल्ली सरकार ने शराब के दामों में 70 फीसदी बढ़ोतरी पर कहा कि कोरोना के दौरान राज्य का राजस्व काफी गिर गया था. शराब से हो रही कमाई का इस्तेमाल उस नुकसान को पूरा करने में की जा रही है.
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गौरतलब है कि दिल्ली में शराब के दामों में 70 फीसदी बढ़ोतरी के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी. इस याचिका पर दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया गया था. सरकार ने अपना जवाब दाखिल करने के लिए कोर्ट से 14 दिनों का समय मांगा था. अब इस मामले में अगली सुनवाई 29 मई को होगी.
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जनहित याचिका में कहा गया था कि कोरोना काल में जब लोगों के पास वैसे ही पैसा नहीं बचा है, ऐसे में 70 फीसदी शराब के दामों में बढ़ोतरी जायज नहीं है. शराब बेचने से पहले तमाम तरह के टैक्स लगा दिए जाते हैं, ऐसे में 70 फीसदी दाम और बढ़ाना सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा करता है.
अनीषा माथुर