आम आदमी पार्टी के 21 विधायक पहले ही संसदीय सचिव की नियुक्ति के मामले में फंसे हुए हैं. हाल ही में रोगी कल्याण समिति में 27 विधायकों की नियुक्ति की एक पेटिशन राष्ट्रपति भवन से चुनाव आयोग पहुंची है. दिल्ली सरकार के अस्पतालों में विधायकों के समिति का चेयरमैन बनना अब सवालो के घेरे में है. फिलहाल मुसीबत बढ़ते ही तमाम विधायक कानूनी सलाह लेने के लिए एक बार फिर तैयार हैं.
'आज तक' ने आम आदमी पार्टी के कुछ विधायकों से बात की है जो दिल्ली सरकार के अलग अलग अस्पतालों में रोगी कल्याण समिति के अध्यक्ष के तौर पर नियुक्त किए गए हैं. पूर्वी दिल्ली के लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल की समिति में नियुक्त कोंडली विधानसभा से विधायक मनोज कुमार ने कहा कि हमें रोगी कल्याण समिति के मामले में कोई नोटिस नहीं मिला है. ऑफिस ऑफ प्रॉफिट जीरो है. रोगी कल्याण समिति मरीजों की मदद करती है. मरीज को दवाई या डॉक्टर से मदद चाहिए होती है तो समिति आगे आती है. इससे पहले भी रोगी कल्याण समिति थी, तब सवाल क्यों नहीं उठे. ऐसा नहीं है कि बहुत से लोगों को चेयरमैन बना दिया गया हो. जितने हॉस्पिटल हैं उतनी ही नियुक्ति हुई. इस तरह का आरोप लगाया है तो जवाब दिया जाएगा. क्या पेटिशन है, क्या मामला है, ये तब पता चलेगा, जब चुनाव आयोग हमें बुलाएगा. हमने कोई गलत काम नहीं किया है.
मालवीय नगर से विधायक सोमनाथ भारती ने कहा कि हम राजनीति में करियर बनाने नहीं आए हैं. रोगी कल्याण समिति के बहाने चाहे वो हमें समन कर दें, लेकिन वो परेशान नहीं कर पाएंगे. रोगी कल्याण समिति में कोई अपना काम नहीं कर रहा है. ऑफिस ऑफ प्रॉफिट जैसा कुछ नहीं ये तो पुरानी परंपरा है. चुनाव आयोग के पास मामला है तो समन का इंतजार रहेगा.
आपको बता भी दें कि आखिरकार रोगी कल्याण समिति होती क्या है. रोगी कल्याण एक तरह की सोसाइटी या एनजीओ होता है जो अस्पताल के प्रबंधन के काम लगा होता है. इसमें इलाके के विधायक, सांसद, प्रशानिक अधिकारी, स्वास्थ्य अधिकारी शामिल होते हैं. रोगी कल्याण समिति के अधिकार-
1. अस्थाई कर्मचारियों की भर्ती करने का अधिकार जिसमे डॉक्टर भी शामिल हैं.
2. अस्पताल परिसर में दुकान किराए या फिर लीज पर देने का अधिकार जिसकी कमाई समिति के पास आती है.
3. अस्पताल में 2 लाख रुपये तक के निर्माण का काम समिति के अध्यक्ष की मंजूरी से.
ये 27 विधायक वो हैं जिन्हें केजरीवाल सरकार ने अलग-अलग सरकारी अस्पतालों का कामकाज देखने के लिए रोगी कल्याण समिति का अध्यक्ष बनाया था. हालांकि इन 27 विधायकों में 10 विधायक ऐसे भी हैं, जिनकी सदस्यता पहले से ही सवालों में है, क्योंकि वो रोगी कल्याण समिति के अध्यक्ष होने के साथ ही संसदीय सचिव भी हैं.
पंकज जैन