देश की राजधानी के सबसे पुराने बाज़ार चांदनी चौक में रातो-रात हनुमान मंदिर बन गया, जिसके बाद राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी का सिलसिला जोर पकड़ रहा है. दिल्ली कांग्रेस के एक नेता ने हिंदुत्व को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर हमला किया है.
शनिवार की दोपहर कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता जय श्री राम के नारे लगाते हुए चांदनी चौक के हनुमान मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ करने पहुंचे थे. इस दौरान कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं ने मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ किया और पूजा पाठ के बाद आम लोगों में प्रसाद भी बांटा.
मौके पर जब दिल्ली कांग्रेस के उपाध्यक्ष मुदित अग्रवाल से बीजेपी को लेकर सवाल पूछा गया तो जवाब में उन्होंने कहा कि "बीजेपी के लिए हिंदुत्व क्या है. दरअसल, हिंदुओं को बेवकूफ बनाकर, ब्लैकमेल करके वोट लेने का नाम हिंदुत्व है और बीजेपी इसमें माहिर है. बीजेपी को हिंदुओं की चिंता बिल्कुल नहीं है. कांग्रेस में भी हिंदू हैं और हमें बीजेपी से हिंदू होने का सर्टिफिकेट लेने की आवश्यकता नहीं है. क्या अब बीजेपी से सर्टिफिकेट लेंगे कि हिंदू देशभक्त है या नहीं."
कांग्रेस ने संघर्ष किया राजनीति नहींः मुदित
कांग्रेस नेता ने आगे कहा, "बीजेपी के पूर्वज सावरकर और वाजपेयी जेल से बाहर निकलने के लिए अंग्रेजों को पत्र लिखते थे जबकि जवाहर लाल नेहरू से लेकर महात्मा गांधी 12 साल तक जेल में रहे. बीजेपी और कांग्रेस का कोई मुकाबला नहीं है. बीजेपी हिंदू धर्म को इस्तेमाल कर 30-40 साल से अपनी राजनीति साध रही है. और अब आम आदमी पार्टी भी इसमें माहिर है. कांग्रेस ने मंदिर के लिए संघर्ष 'किया है राजनीति नहीं की है."
चांदनी चौक हनुमान मंदिर के मुद्दे पर कांग्रेस नेता मुदित अग्रवाल ने दिल्ली सरकार और नगर निगम पर भी निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि "हमारा परिवार 100 साल से अधिक समय से यहां रह रहा है. हमारे मन में श्री राम और हनुमान के लिए जो भावना है उसे आज व्यक्त करने आए हैं. जब मंदिर तोड़ा गया तब कांग्रेस ने यहां प्रदर्शन किया था, जिसके बाद हमें जेल में बंद कर दिया गया. इसके बाद गौरी शंकर मंदिर के बाहर कांग्रेस ने हनुमान चालीसा का पाठ भी किया."
मुदित अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस लगातार मंदिर के लिए संघर्ष कर रही है. जब चांदनी चौक का सौंदर्यीकरण शुरू हुआ तो केजरीवाल सरकार को सांस्कृतिक धरोहर को योजना का हिस्सा बनाना चाहिए था लेकिन उन्हें लगा कि मंदिर रीडेवेलपमेंट में आड़े आ रहा है. केजरीवाल दिल्ली वाले नहीं हैं इसलिए उन्हें चांदनी चौक की संस्कृति के बारे में नहीं पता है. वहीं, बीजेपी के अधीन दिल्ली पुलिस ने बीजेपी शासित नगर निगम कर्मियों के साथ मिलकर मंदिर को क्यों तोड़ा था.
दिल्ली कांग्रेस नेता का कहना है कि कोर्ट को बताया जाए कि चांदनी चौक की रीडेवेलपमेंट के तहत मंदिर यहीं रहने दिया जाए. मंदिर से लोगों की आस्था जुड़ी हुई है तो कोर्ट तुरंत मान जाएगी.
पंकज जैन