दिल्ली में हुआ बॉडी बिल्डिंग कॉम्पिटिशन, सिखाए गए सेल्फ डिफेंस के गुर

सेना के रिटायर्ड कर्नल जयदीप ने प्रतिभागियों को डिफेंस सिस्टम क्राव मांगा की ट्रेनिंग दी. कर्नल जयदीप अपनी टीम के साथ सेल्फ डिफेंस सिस्टम भी चलाते हैं.

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प्रतियोगिता में अपने गठे शरीर का प्रदर्शन करते बॉडी बिल्डर प्रतियोगिता में अपने गठे शरीर का प्रदर्शन करते बॉडी बिल्डर

शुभम गुप्ता

  • नई दिल्ली,
  • 06 नवंबर 2017,
  • अपडेटेड 12:58 PM IST

दिल्ली में फिटनेस को लेकर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस मौके पर बॉडी बिल्डिंग कॉम्पिटिशन भी हुआ, जिसमें दिल्ली सहित कई राज्यों के बॉडी बिल्डर्स ने हिस्सा लिया. दिल्ली के NSIC में एक आयोजित इस शानदार बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में 18 से 30 साल के युवाओं ने अपने-अपने शरीर शौष्ठव का प्रदर्शन किया.

प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले बॉडी बिल्डर्स में बड़ी संख्या में युवा बॉडी बिल्डर्स थे. कई तो ऐसे भी थे जिन्होंने हाल ही में बॉडी बिल्डिंग शुरू की है और वे पहली बार ही इस तरह के किसी बॉडी बिल्डिंग कॉम्पिटीशन में हिस्सा ले रहे हैं.

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प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आए मनोज ने बताया कि उन्होंने एक साल पहले ही बॉडी बिल्डिंग शुरू की है, मगर वह बहुत उत्साहित हैं इस प्रतियोगिता को लेकर.

सेल्फ डिफेंस कि ट्रेंनिंग

भारी भरकम शरीर वाले बॉडी बिल्डिंग करने वाले पहलवानों को यहां फिटनेस को लेकर ट्रेनिंग तो दी ही गई है. मगर एक चीज ऐसी भी यहां दिखाई दी जिसने सभी का दिल जीत लिया और वो था सेल्फ डिफेंस. जब भी कोई चोर आप पर हमला करे तो किस तरह से आप बचें? कैसे उसका सामना करें? कैसे उसे घायल करें? इन चीजों के बारे में भी यहां बताया गया. यही नहीं दिल्ली एनसीआर में जिस तरह से लड़कियों के साथ छेड़छाड़ की खबरें सामने आती रही हैं, उन लड़कियों के लिए भी खास ट्रेनिंग दी गई.

इस सेल्फ डिफेंस सिस्टम का नाम है क्राव मांगा. सेना के रिटायर्ड कर्नल जयदीप ने प्रतिभागियों को डिफेंस सिस्टम क्राव मांगा की ट्रेनिंग दी. कर्नल जयदीप अपनी टीम के साथ सेल्फ डिफेंस सिस्टम भी चलाते हैं.

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बॉडी बिल्डिंग में करियर नहीं: मिस्टर इंडिया

वहीं यहां कुछ ऐसे पहलवान भी मौजूद थे जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी ही फिटनेस और बॉडी बिल्डिंग को दे दी. इनका नाम है किशन चौहान, जिन्होंने 2014 में बॉडीबिल्डिंग में मिस्टर इंडिया का खिताब अपने नाम किया. साथ ही कई मेडल्स भी जीते. मगर आज वह जिम चलाकर अपना गुजारा कर रहे हैं. किशन चौहान का कहना है कि कोई सरकार हमें सपोर्ट नहीं करती. आज मुझे मिस्टर इंडिया खिताब जीते इतने साल हो गए, इतने मेडल्स जीते, मगर आज मुझे एक जिम खोलकर गुजारा करना पड़ रहा है. इसमें कोई भविष्य नहीं है. सरकार को इनके बारे में सोचना चाहिए.

वाकई में इस तरह के चैंपियन को देखने के बाद तो यही लगता है की सरकार को भी इन पहलवानों के बारे में सोचने की जरूरत है.

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