JNU में ABVP जमा रहा जड़ें, इस बार अध्यक्ष पद जीतने पर नजर

कभी वामपंथ का गढ़ कहे जाने वाले जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्रों के बीच अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद्  तेजी से लोकप्रिय हुआ है. वोटों की संख्या के लिहाज से एबीवीपी विश्वविद्यालय का सबसे बड़ा संगठन है.

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NU में एबीवीपी मजबूत (Photo- India Today) NU में एबीवीपी मजबूत (Photo- India Today)

राम किंकर सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 29 अगस्त 2019,
  • अपडेटेड 7:58 AM IST

  • JNU में छात्रों के बीच एबीवीपी की साख मजबूत
  • JNUSU चुनाव के लिए एबीवीपी ने पेश की दावेदारी
  • अध्यक्ष पद के लिए मनीष जांगिड़ का नाम पेश

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्रसंघ सत्र 2019-20 के चुनावों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (एबीवीपी) की तरफ से अध्यक्ष पद के लिए पर्यावरण विज्ञान संस्थान से शोध छात्र मनीष जांगिड़ दावेदार पेश की है. वहीं, उपाध्यक्ष पद के लिए भाषा साहित्य और संस्कृति अध्ययन केंद्र से शोध छात्रा श्रुति अग्निहोत्री, महासचिव पद के लिए सामाजिक विज्ञान संस्थान के शोध छात्र सबरीश पी. ए और सह सचिव पद के लिए अंतरराष्ट्रीय अध्ययन संस्थान के सुमंत साहू अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं.

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मालूम हो कि कि कभी वामपंथ का गढ़ कहे जाने वाले जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में छात्रों के बीच अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (ABVP) तेजी से लोकप्रिय हुआ है. वोटों की संख्या के लिहाज से ABVP विश्वविद्यालय का सबसे बड़ा संगठन है. विद्यार्थी परिषद् के उभार के चलते पिछले तीन वर्षों से JNU के सभी वामपंथी संगठनों को गठबंधन करके चुनाव लड़ना पड़ रहा है.

इस वर्ष चुनावों को लेकर छात्रों में विशेष उत्साह है. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् इस वर्ष के चुनाव में जेएनयू कैंपस में आम छात्रों को होने वाली समस्याओं को प्रमुख मुद्दा बनाने जा रहा है.

गौरतलब हो कि विश्वविद्यालय में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता में भारी कमी आई है. प्रशासन लगातार छात्र विरोधी फरमान लाता रहा है. पिछले कई सालों से JNUSU में काबिज रहे लेफ्ट दलों के प्रति भी छात्रों में खासा गुस्सा है.

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वहीं, परिषद् का कहना है कि वाम दलों की रुचि छात्रों से संबंधित मुद्दों में है ही नहीं, JNU के वाम संगठनों का उद्देश्य सिर्फ मीडिया का ध्यान आकर्षित करने में है.

विद्यार्थी परिषद् का कहना है कि उसके पास सकारात्मक एजेंडा है और वह इसी आधार पर छात्रों के बीच अपना प्रचार भी शुरू कर चुका है. एबीवीपी इस बार छात्रसंघ के अध्क्ष पद समेत सभी बड़े पदों पर अपनी जीत को लेकर आश्वस्त है.

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