युवा और बुजुर्ग ग्रामीणों की मदद से 365 गांव को स्मार्ट बनाएगी AAP सरकार

गोपाल राय ने किसानों को बताया कि पिछले मार्च में इनसे 365 गांवों का विकास होना है. सरकार की तमाम कोशिशों के बाद अधिकारियों की वजह से दिसम्बर में जाकर बोर्ड का गठन हो पाया

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल

केशवानंद धर दुबे / पंकज जैन

  • नई दिल्ली,
  • 07 फरवरी 2018,
  • अपडेटेड 1:26 PM IST

स्मार्ट सिटी की तर्ज पर केजरीवाल सरकार दिल्ली के 365 गांव को स्मार्ट बनाने की तैयारी कर रही है. दिल्ली ग्राम विकास बोर्ड के जरिए सरकार ने गांव- देहात के विकास के लिए 600 करोड़ रुपए का बजट बनाया है. इस बीच कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में स्मार्ट गांव सम्मेलन का आयोजन किया गया. यहां कई गांवों के किसानों ने हिस्सा लिया.

मंत्री गोपाल राय ने इस सम्मेलन में केंद्र सरकार की स्मार्ट सिटी पर तंज कसा. राय ने कहा कि केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकारों में स्मार्ट सिटी बनाने की होड़ मची है, लेकिन दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल गांवों को भी स्मार्ट बनाने पर काम कर रहे हैं. देश को समृद्ध बनाना है, तो गांवों को साथ लेकर चलना होगा. पूरा देश दिल्ली से सीखता है. राजधानी के गांवों मॉडल के तौर पर विकसित करना होगा. दिसम्बर 2017 में ग्रामीण विकास बोर्ड का गठन हुआ है. दो महीनों में करीब 400 योजनाओं को पास किया है.

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365 गांवों का होना विकास

गोपाल राय ने किसानों को बताया कि पिछले मार्च में इनसे 365 गांवों का विकास होना है. सरकार की तमाम कोशिशों के बाद अधिकारियों की वजह से दिसम्बर में जाकर बोर्ड का गठन हो पाया. प्रत्येक गांव में समिति का गठन होगा, जिसमें महिलाएं और छात्र भी होंगे. यहां पास होने वाले प्रस्ताव को विधायक के जरिए बोर्ड तक पहुंचाया जाएगा. इस पर चर्चा होगी. पूरे प्रोसेस में 5-6 महीने लगेंगे. सरकार की ओर से 14 जिलों में कमेटियां बनाई गई हैं. दिल्ली के सभी गांव में चौपाल घर और बारत घर भी बनाएंगे.

महिलाओं को ट्रेनिंग देकर समिति में देंगे जगह

कार्यक्रम के दौरान समिति के सदस्यों को भी मंच पर बुलाया गया. इसमें एक भी महिला नहीं थी. इसे देखकर हॉल में मौजूद ग्रामीणों ने विरोध जताया. कुछ देर के लिए माहौल में हलचल मच गई. इसके बाद गोपाल राय ने स्थिति को संभालते हुए कहा कि अगली बार महिलाओं को ट्रेनिंग देकर समिति में जगह देंगे. यदि किसी गांव की महिला सरकार का सहयोग करना चाहती है, तो वह अपना नाम पहुंचा.

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कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों पर भड़के AAP के विधायक

आम आदमी पार्टी के विधायक भी कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों पर भड़क पड़े. दरअसल समिति में अलग अलग विधानसभाओं से जुड़े गांव का नाम जोड़ा जाना था, जिसके बाद समिति गांव के विकास के लिए बजट खर्च करती है. दिल्ली केंट से 'आप' विधायक कमांडो सुरेन्द्र ने अपनी विधानसभा से एक भी नाम नही जोड़ने पर तुरंत विरोध किया और अधिकारी से मंत्री गोपाल राय के सामने जवाब मांगा. विधायक कमांडो सुरेन्द्र ने बताया कि वो पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से चिट्ठी लिखकर करेंगे.

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