छत्तीसगढ़ के मंत्री बोरियत दूर करने के लिए लॉकडाउन तोड़ रायगढ़ पहुंचे

छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री कवासी लखमा ने लॉकडाउन का पालन नहीं किया है. उन्होंने कोरोना संकट के बीच रायपुर से रायगढ़ की यात्रा की है. इस दौरान उनके साथ अन्य लोग भी थे.

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छत्तीसगढ़ सरकार में आबकारी मंत्री कवासी लखमा (फाइल फोटो) छत्तीसगढ़ सरकार में आबकारी मंत्री कवासी लखमा (फाइल फोटो)

तनुश्री पांडे

  • रायगढ़,
  • 19 अप्रैल 2020,
  • अपडेटेड 5:41 PM IST

  • लॉकडाउन का नहीं किया मंत्री ने पालन
  • 3 जिलों को पार कर पहुंचे रायगढ़
  • कहा रायपुर में हो रही थी बोरियत
छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार में मंत्री कवासी लखमा ने देशव्यापी लॉकडाउन का उल्लंघन किया है. मंत्री कवासी लखमा रायपुर से रायगढ़ की दूरी तय कर ली और बाबा सत्यनारायण के दर्शन किया. रायपुर से रायगढ़ के बीच 3 जिले पड़ते हैं, सबको पार करते हुए कोरोना वायरस संकट के बीच बाबा सत्यनारायण से मुलाकात करने लॉकडाउन में ही पहुंच गए.

ऐसे वक्त में जब लोग अपने-अपने घरों में बंद हैं, केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से हिदायत दी जा रही है कि बाहर न निकले, भूपेश बघेल सरकार के कैबिनेट मंत्री ने ही लॉकडाउन तोड़ दिया है. जब पत्रकारों ने लॉकडाउन तोड़ने पर सवाल किया तो कवासी लखमा ने जवाब दिया, 'मैं रायपुर में बैठे-बैठे बोर हो रहा था. तभी अचानक से रात में रायगढ़ आने की योजना बनाई और पहुंच गया.'

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छत्तीसगढ़ के आबकारी मंत्री कवासी लखमा अकेले नहीं आए थे. कोसामनारा आश्रम में बाबा सत्यनारायण का दर्शन करने उनके साथ पूरा काफिला आया था. रायगढ़ पहुंचने के बाद मंत्री के ठहरने के लिए एक थ्री स्टार होटल में व्यवस्था की गई. जब पूरा छत्तीसगढ़ प्रदेश लॉकडाउन का पालन कर रहा है, वहीं मंत्री की तीर्थ यात्रा काफी चौंकाने वाली है.

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क्या है छत्तीसगढ़ में संक्रमण की स्थिति

छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस ने दस्तक दे दी है. छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस से कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 36 है. यहां एक भी मौत संक्रमण की वजह से नहीं हुई है. वहीं 24 लोगों का इलाज भी हो चुका है. लगातार कोरोना वायरस की टेस्टिंग की जा रही है.

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कभी स्कूल नहीं गए हैं कवासी लखमा

भूपेश बघेल सरकार के कवासी लखमा ऐसे मंत्री हैं, जिन्होंने कभी स्कूल का मुंह तक नहीं देखा. उनका जन्म साल 1953 में सुकमा जिले के नागारास गांव में हुआ था. मूल रूप से किसानी का काम करने वाले लखमा राज्य के गठन के बाद से ही लगातार चुनाव जीतते रहे हैं. वो बस्तर की कोंटा सीट से विधायक हैं.

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