भगवान विष्णु के पांचवें अवतार वामन भगवान बक्सर सेंट्रल जेल में रहते हैं. भक्त अगर दर्शन करने भी जाते हैं तो दरवाजे पर लटका ताला भक्त और भगवान के बीच दीवार बन कर खड़ा हो जाता है. ऐसे में दर्शन नहीं हो पाते हैं.
दरअलस, त्रेता युग में गंगा के अंश से पैदा हुए और विष्णु के पहले मानव अवतार 'वामन भगवान' ने बक्सर में ही गंगा नदी के किनारे जन्म लिया था और राजा बलि के प्रकोप से पृथ्वी की रक्षा की थी. वामन भगवान इस कलयुग में अब तालों में बंद होकर रह गए हैं.
भगवान को ताले में बंद किया
ऐसे तालों में बंद भगवान को लेकर जब मंदिर समिति के अध्यक्ष से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि वामन भगवान जन्म स्थल अंग्रेजों के समय से है जेल परिसर के भीतर है. ऐसे में जब जेलर की इच्छा होती है तो दर्शन होते हैं. जब नहीं होती है तो ताला लगा दिया जाता है.
वीआईपी लोगों के लिए खुलता है मंदिर
हालांकि, जेल प्रशासन के इस रुख से विष्णु भगवान के भक्तों में मायूसी है. भक्त राज बिंद मलाह बताते हैं कि पहले ताला समय से खुल जाता था. अब नहीं खुल रहा है. ऐसे में हम लोग दुखी हैं. यहां बीजेपी के बड़े-बड़े नेता बक्सर संसदीय क्षेत्र से जीत चुके हैं. लेकिन आज भी कुछ नहीं बदला. मंदिर वीआईपी लोगों के लिए खुल जाता है, लेकिन आम इंसान के लिए आज भी तालाबंदी है.
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पुष्पेंद्र पांडेय