गुजरात के अहमदाबाद में स्थित साबरमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर अब पटना में भी गंगा रिवर फ्रंट बनाने का काम तेजी से चल रहा है. बिहार की राजधानी पटना में गंगा तट पर 20 घाट हैं जिनमें से 12 पर सौंदर्यीकरण का काम पूरा हो चुका है और इसे लोगों के लिए खोला जा चुका है. बताया जा रहा है कि जिन 12 घाटों पर सौंदर्यीकरण का काम पूरा हो चुका है उनमें बीएन कॉलेज घाट, अंटा घाट, मिश्री घाट, रानी घाट, पथरीघाट और आलमगंज घाट शामिल हैं.
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी नमामि गंगे योजना के तहत पटना के विभिन्न घाटों को खूबसूरत बनाने का काम काफी तेजी से चल रहा है. पटना के विभिन्न गंगा घाटों को खूबसूरत बनाने के काम की शुरुआत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फरवरी 2014 में की थी. सभी घाटों के सौंदर्यीकरण का काम जून 2016 तक पूरा हो जाना था, मगर अब जून 2020 तक इसे पूरा करने का टारगेट तय किया गया है.
दिलचस्प बात यह है कि एक समय में जब पटना के घाट गंदगी और कूड़ा का पर्याय बन गए थे वहीं अब घाटों के सौंदर्यीकरण के बाद तस्वीर पूरी तरीके से बदल गई है. नमामि गंगे परियोजना के तहत पटना के सभी घाटों को एक दूसरे से जोड़ा जा रहा है.
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जानकारी के मुताबिक, सभी घाटों को एक दूसरे से जोड़ देने के बाद कुल 5.7 किलोमीटर लंबा और 15 फीट चौड़ा पैदल पथ तैयार हो रहा है. विभिन्न घाटों की दीवारों पर खूबसूरत मधुबनी चित्रकारी की गई है. आम लोगों की सुविधा के लिए घाटों पर बेहतरीन लाइटिंग और शौचालय की व्यवस्था के साथ-साथ 500 बेंच भी लगाए गए हैं ताकि लोग गंगा घाट पर पहुंचकर वहां की खूबसूरती का आनंद उठा सकें.
नमामि गंगे परियोजना के तहत बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम पटना के घाटों को खूबसूरत बनाने का काम कर रहा है. पटना के घाटों के कायाकल्प के लिए नमामि गंगे परियोजना के तहत तकरीबन 300 करोड़ रुपये की लागत आई है. केंद्र सरकार पूरे खर्च में इसमें 70 फीसदी तथा राज्य सरकार 30 फीसदी योगदान कर रहा है.
पटना के गंगा रिवर फ्रंट बनाने का काम चार हिस्सों में बांटा गया है.
1. पहला कलेक्ट्रेट घाट से लेकर महेंद्रुघाट तक-इन दोनों घाटों के बीच सौंदर्यीकरण का काम का मुख्य फायदा गांधी मैदान और आसपास के रहने वाले इलाके के लोगों को मिलेगा.
2. मिश्री घाट से लेकर पटना कॉलेज घाट-इन दोनों घाटों के बीच में पटना विश्वविद्यालय के काफी सारे कॉलेज मौजूद हैं और इसके सौंदर्यीकरण का मुख्य फायदा कॉलेज और विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों को मिलेगा.
3. गांधी घाट से रानी घाट- इन दोनों घाटों के बीच जो सौंदर्यीकरण का काम चल रहा है उसका मुख्य उद्देश्य धार्मिक कार्यक्रमों के लिए है.
4. भद्रा घाट से नोज़ार घाट- इस इलाके में रहने वाले लोगों को इसका फायदा मिलेगा.
आजतक से बातचीत में बिहार के पर्यटन मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि ने बताया कि पटना के गंगा घाटों पर सौंदर्यीकरण करने के बाद यहां पर पर्यटकों की संख्या और ज्यादा बढ़ेगी.
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बिहार पर्यटन मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि ने कहा, 'एक समय गंगा के घाटों पर कूड़ा कचरा भरा रहता था मगर आज वह इलाका काफी सुंदर हो चुका है. आज के दिन स्थिति यह हो चुकी है कि लोग अपने परिवार के साथ गंगा घाटों पर जाकर पिकनिक भी मनाते हैं.'
गंगा घाट पर घूमने आए लोगों का भी मानना है कि घाटों के सौंदर्यीकरण करने के बाद पूरा इलाका काफी विकसित हो गया है. हालांकि, लोग इस बात को लेकर मायूस है कि पटना में गंगा नदी घाटों से तकरीबन 1.5 से 2 किलोमीटर दूर चली गई है.
वहीं गंगा घाट पर आए एक पर्यटक ने कहा, 'गंगा घाट तो काफी खूबसूरत बन चुके हैं, मगर गंगा नदी अब भी काफी दूरी पर है. सरकार को कुछ ऐसा करना चाहिए ताकि गंगा नदी को घाटों के पास लाया जा सके और इन घाटों की खूबसूरती और ज्यादा बढ़ जाए.'
रोहित कुमार सिंह