पटना कोर्ट में इस नोटिस से मचा हड़कंप, लोगों से की गई अपील

सिविल कोर्ट में भ्रष्टाचार हर तरफ फैला हुआ है और काम करवाने के लिए भारी रिश्वतखोरी खुलेआम चल रही है. स्टिंग ऑपरेशन के जरिए इस बात का भी खुलासा हुआ था कि किस तरीके से कोई कैदी अपनी पसंद के जेल में जाने के लिए कोर्ट कर्मचारियों को घूस देता है.

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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

रोहित कुमार सिंह

  • पटना,
  • 17 जनवरी 2018,
  • अपडेटेड 11:51 PM IST

पटना के सिविल कोर्ट में पिछले दिनों भारी भ्रष्टाचार और घूसखोरी की खबर सामने आने के बाद अब कोर्ट प्रशासन हरकत में आ चुका है. कोर्ट परिसर के अंदर रिश्वतखोरी को बंद करने के लिए जिला एवं सत्र न्यायाधीश की तरफ से कोर्ट परिसर में कई पोस्टर चिपकाए गए हैं जहां पर लोगों से अपील की गई है कि वह अपना किसी भी काम करवाने के लिए रिश्वत ना दें.

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दरअसल, कुछ दिन पहले इस बात का खुलासा हुआ था कि किस तरीके से सिविल कोर्ट में भ्रष्टाचार हर तरफ फैला हुआ है और काम करवाने के लिए भारी रिश्वतखोरी खुलेआम चल रही है. स्टिंग ऑपरेशन के जरिए इस बात का भी खुलासा हुआ था कि किस तरीके से कोई कैदी अपनी पसंद के जेल में जाने के लिए कोर्ट कर्मचारियों को घूस देता है. इस मामले के सामने आने के बाद पटना हाईकोर्ट ने सिविल कोर्ट के 16 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था.

अब जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कोर्ट में फैले भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए लोगों से अपील करना ही बेहतर समझा है और इस तरीके के कई पोस्टर्स कोर्ट परिसर में चिपकाए गए हैं. इस पोस्टर के जरिए सभी अधिवक्ताओं, अधिवक्ता लिपिक, मुवक्किल और आम लोगों से अपील की गई है कि वह सिविल कोर्ट के कर्मचारियों के साथ पेशी और अवैध राशि के लेन-देन ना करें. इस नोटिस के जरिए यह भी कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति या कर्मचारी द्वारा पेशी के नाम पर अवैध राशि के लेन-देन की जाती है तो इसकी सूचना कोर्ट प्रशासन को तुरंत दी जाए.

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जिला एवं सत्र न्यायाधीश के इस नोटिस से एक बात तो साफ़ हो चुका है के पटना के सिविल कोर्ट में भ्रष्टाचार पूरी तरीके से जड़ पसार चुका है और इस पर लगाम लगाने के लिए फिलहाल लोगों से अपील की जा रही है.

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