पटना विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ कई मंत्री और पूर्व छात्र मौजूद रहे. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब मंच से भाषण दे रहे थे , तो उन्होंने पूर्व शिक्षा मंत्री और कांग्रेस के नेता अशोक चौधरी को दर्शक दीर्घा में बैठे देखा. उन्होंने तपाक से कहा कि आप भी यहां आए हैं, मुझे डर है कि कहीं आपको यहां देखकर आपकी पार्टी आपको निकाल न दे.
नीतीश कुमार मंच से बिहार के गौरवशाली इतिहास को बता रहे थे. इस बीच अचानक उनकी नजर दर्शक दीर्घा में बैठे बिहार कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अशोक चौधरी पर पड़ी. उनपर नजर पड़ते ही सीएम ने कहा, 'पूर्व शिक्षा मंत्री तो सब जानते हैं. अशोक जी यहां आए हैं. कोई यहां देख इन्हें कहीं पार्टी से न निकाल दे.
गौरतलब है कि कांग्रेस नेता और महागठबंधन सरकार में शिक्षा मंत्री रहे अशोक चौधरी भी पटना यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र रहे हैं. अशोक चौधरी को आने के लिए यूनिवर्सिटी से बाकायदा इनविटेशन भी मिला था. अशोक चौधरी ने कहा कि पटना यूनिवर्सिटी के 100 साल पूरे हुए हैं. यह ऐतिहासिक पल है. इस मौके पर यहां आकर पुरानी यादें ताजा हो गईं.
महागठबंधन में अशोक चौधरी और नीतीश कुमार की अच्छी बनती थी. नीतीश जब महागठबंधन छोड़कर बीजेपी के साथ चले गए तो यह चर्चा शुरू हो गई थी कि अशोक पार्टी तोड़ देंगे और अपने समर्थक विधायकों के साथ जेडीयू में शामिल हो जाएंगे. अशोक चौधरी पार्टी तोड़ने की बात से इनकार करते रहे, लेकिन पार्टी ने उनपर यकीन नहीं किया. लिहाजा उन्हें कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटा दिया गया है.
सुजीत झा