बिहार के रोहतास से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है जिसे जानकर आपके आंखों में भी आंसू आ जाएंगे. जिस घर में बेटी की शादी की तैयारियां चल रही थी उसी घर में पुलिसकर्मी पिता की मौत के बाद डोली की जगह अर्थी उठी.
दरअसल बिहार पुलिस में दारोगा के पद पर कार्यरत बीरेंद्र पासवान ऑन ड्यूटी अपराधियों से लड़ते हुए घायल हो गए. अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. जब दारोगा बीरेंद्र पासवान का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव शिवसागर के सोनडिहरा पहुंचा तो घर में कोहराम मच गया. बीरेंद्र पासवान के वृद्ध पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरा परिवार गम में डूबा हुआ है क्योंकि घर में बेटी की शादी की तैयारी चल रही थी. SI बीरेंद्र पासवान का शव गांव पहुंचने के बाद उन्हें देखने के लिए ग्रामीण उमड़ पड़े. लोगों के लिए मृत दारोगा की बिलखती बेटी और पत्नी को संभालना मुश्किल हो रहा था.
बीरेंद्र पासवान अपने चार भाइयों में इकलौता नौकरीपेशा थे. मृतक के तीन भाई सुरेंद्र पासवान, छोटन पासवान, और चंद्रभान पासवान गांव में ही खेती-बाड़ी करते हैं. मृतक पुलिसकर्मी के दो बेटे हैं और पिता की मौत के बाद वो दोनों भी बदहवास हैं. मृतक दारोगा की बेटी वंदना 26 साल की हैं और 16 फरवरी को उसकी शादी होने वाली थी जिसकी तैयारी घर में जोर-शोर से चल रही थी. दारोगा की मौत के बाद अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेता कार्यकर्ताओं के अलावा स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी भी उनके पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि देने घर पहुंचे.
बीरेन्द्र पासवान 27 जनवरी को बालू घाट पर वर्चस्व को लेकर हुई हत्या में शामिल एक अभियुक्त को गिरफ्तार करने गए थे जहां बदमाशों और भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया था. इसी में वीरेंद्र पासवान भी घायल हो गए थे. उन्होंने बेटी की शादी के लिए 9 फरवरी से छुट्टी का आवेदन भी दे रखा था.
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मनोज कुमार सिंह