देश में कोरोना वायरस के मामलों में लगातार इजाफा देखा जा रहा है. हर रोज कोरोना के नए मरीज सामने आ रहे हैं. अभी तक कोरोना वायरस का कोई टीका नहीं बन पाया है. वहीं कोरोना के इस काल में एक पंडित को परदेसी को तिलक लगाना महंगा पड़ गया.
कोरोना पर फुल कवरेज के लिए यहां क्लिक करें
दरअसल, एक पंडित ने जिस शख्स को तिलक लगाया था वो कोरोना पॉजिटिव पाया गया. जिसके बाद पंडित को क्वारनटीन में जाना पड़ा. एहतियात के तौर पर पंडित को अपने ही घर में कैद होना पड़ा. जिसके कारण इधर-उधर जाकर पूजा-पाठ करना भी बंद हो गया है.
कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें...
बता दें कि कुछ दिन पहले महाराष्ट्र से एक व्यक्ति सरकार की इजाजत लेकर मधुबनी जिले के पैतृक गांव अपने पिता की अंत्येष्टि में भाग लेने आया था. श्राद्धकर्म करने के बाद वो व्यक्ति पंडित से आशीर्वाद लेने उनके घर गया, जहां पंडित ने तिलक लगाकर उसे आशीर्वाद दिया.
देश-दुनिया के किस हिस्से में कितना है कोरोना का कहर? यहां क्लिक कर देखें
कुछ समय बाद उस शख्स का कोरोना टेस्ट हुआ तो वो पॉजिटिव पाया गया. फिर क्या था, उसके संपर्क में जितने लोग आए थे, सबको स्वास्थ्य विभाग ने क्वारनटीन कर दिया. जिसके कारण पंडित को भी अपने ही घर में बंद होना पड़ा. सरकार ने पूरा गांव ही सील कर दिया है लेकिन पंडित के घर को विशेष तौर पर लकड़ियां लगाकर सील किया गया है.
नहीं हुआ कोरोना टेस्ट
पंडित को कहीं निकलने की इजाजत नहीं है. जिसकी वजह से उनका पूजा-पाठ करके धनोपार्जन करने पर भी बैन लग गया है. वहीं सरकार की तरफ से पंडित को 20 किलो चावल और एक हजार रुपये दिए गए हैं. ताकि वो अपने परिवार के चार सदस्यों का पेट पाल सकें. हालांकि पंडित का अभी तक किसी प्रकार का कोरोना टेस्ट नहीं हुआ है.
सुजीत झा