बिहार में नवादा जिले के वारिसलीगंज से विधायक अरुणा देवी के घर पर उपद्रवियों ने ईंट और पत्थर फेंकते हुए हमला कर दिया. आरोपी उनका पड़ोसी सह-पंचायत चुनाव में हार गया था.
आरोपी ने अपने समर्थकों के साथ 20 नवंबर की रात विधायक के आवास पर जाकर गाली-गलौज की. जिसके बाद विधायक के अंगरक्षकों ने उपद्रव करने वाले ग्रामीणों को खदेड़ दिया था.
इसके बाद सोमवार को एक बार फिर से उपद्रवियों ने विधायक के आवास पर ईंट और पत्थर फेंके. इस हमले में विधायक अरुणा देवी को भी चोटें आई हैं. विधायक की शिकायत पर वारिसलीगंज थाना में कुल 10 लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई गई है.
इन लोगों पर दर्ज कराई एफआईआर
विधायक ने कानूनी करवाई करते हुए इस प्रकार की हरकत पर रोक लगाने की मांग पुलिस से की है. प्राथमिकी दर्ज होते ही पुलिस घटना की जांच में जुट गई है. विधायक ने उपेंद्र सिंह उर्फ रामानंदन सिंह, श्याम नंदन सिंह पुत्र स्व. राधे सिंह, सागर सिंह, रामचरित्र सिंह पुत्र स्व. सूबेलाल सिंह, टिंकू कुमार उर्फ टेनी सिंह पुत्र राम चरित्र सिंह, रंजीत कुमार पुत्र रामनंदन सिंह, अंकित कुमार पुत्र स्व. रंजीत सिंह, दिनेश सिंह, अविनाश सिंह पुत्र स्व. गीता सिंह, सभी ग्राम अपसढ़ के विरुद्ध केस दर्ज कराया है.
विधायक ने रिपोर्ट में कहा है कि आरोपी घर पर आकर गाली-गलौज करने लगा. मना करने पर ईंट पत्थर चलाने लगा. इससे चोट लगी. सुरक्षाकर्मी ने उन्हें खदेड़ा तो आरोपी भागते हुए फायरिंग करने लगा. विधायक ने कहा कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए, जिससे गांव में शांति बहाल हो सके.
घटना के संबंध में विधायक ने कहा कि पंचायत चुनाव के दौरान मेरा या मेरे पति अखिलेश सिंह द्वारा कहीं कोई हस्तक्षेप या किसी खास प्रत्याशी के लिए कार्य नहीं किया गया, लेकिन इन लोगों ने जानबूझकर विधायक की छवि को बदनाम करने और घर पहुंचकर गाली गलौज किया. विधायक पति और बॉडी गार्ड के विरुद्ध झूठी रिपोर्ट भी दर्ज करवाई है. विधायक ने मामले को पारदर्शी ढंग से कार्रवाई की मांग की है.
इनपुट: प्रतीकभान सिंह
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