औरंगाबाद: अस्पताल में बदल गए दो महिलाओं के बच्चे, अब DNA टेस्ट से होगी पहचान

रविवार को नगर थाना में दोनों बच्चों के परिजनों को बुलाकर एसडीपीओ अनूप कुमार, मुफस्सिल थाना प्रभारी एचएन झा और नगर थाना प्रभारी अंजनी कुमार की उपस्थिति में समझौता कराया गया. एसडीपीओ ने कहा कि डीएनए टेस्ट में जिसका बच्चा साबित होगा उसे अपनाना होगा.

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सदर अस्पताल, औरंगाबाद (फोटो- आजतक) सदर अस्पताल, औरंगाबाद (फोटो- आजतक)

अभिनेश सिंह

  • औरंगाबाद ,
  • 23 नवंबर 2020,
  • अपडेटेड 8:19 AM IST
  • डीएनए टेस्ट के आधार पर होगी पहचान
  • औरंगाबाद में सदर हॉस्पिटल की लापरवाही
  • जन्म के वक्त दो महिलाओं के बच्चे बदले

बिहार के औरंगाबाद जिले में एक सरकारी अस्पताल प्रशासन की बेहद गैर जिम्मेदराना हरकत सामने आई है. सदर अस्पताल में 20 नवंबर की शाम जो महिलाओं का प्रसव हुआ, लेकिन इस दौरान बच्चा बदल दिया गया. अब ये मामला पुलिस से होते हुए कोर्ट तक पहुंच गया है. अब कोर्ट के आदेश पर दोनों बच्चों का डीएनए टेस्ट होगा और उसके आधार पर ही बच्चों के असली मां की पहचान की जाएगी.

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रविवार को नगर थाना में दोनों बच्चों के परिजनों को बुलाकर एसडीपीओ अनूप कुमार, मुफस्सिल थाना प्रभारी एचएन झा और नगर थाना प्रभारी अंजनी कुमार की उपस्थिति में समझौता कराया गया. एसडीपीओ ने कहा कि डीएनए टेस्ट में जिसका बच्चा साबित होगा उसे अपनाना होगा. 

वहीं सदर अस्पताल में हुई बच्चे की हेराफेरी में जो भी एएनएम शामिल है उस पर कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी.

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार शहर के नावाडीह रोड के निवासी नीरज कुमार की पत्नी कुसुम देवी को 20 नवंबर की शाम लगभग साढ़े 7 बजे सदर अस्पताल में उसके परिजन लेकर पहुंचे. कुसुम देवी के अनुसार उसने अस्पताल में लड़के को जन्म दिया है. 

वहीं इसी वक्त माली थाना क्षेत्र के भड़कुड़िया गांव निवासी राहुल पासवान की पत्नी बबीता देवी को भी उसके परिजन प्रसव के लिए सदर अस्पताल में लेकर पहुंचे थे. अस्पताल के मुताबिक बबीता देवी को बेटी पैदा हुई. लेकिन बबीता देवी का कहना है कि उसने भी लड़के को जन्म दिया है. 

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कुसुम देवी का कहना है कि अस्पताल ने उसे एक नवजात बच्ची दे दी है, जो उसका बच्चा नहीं है. इसके बाद वह बबीता देवी के घर गई और अपने बच्चे को मांगने लगी लेकिन बबीता देवी बच्चा देने के लिए तैयार नहीं हुई.

तब दोनों बच्चों के परिजनों को थाना में बुलाकर पदाधिकारियों की उपस्थिति में समझौता कराया गया और फिलहाल कुसुम देवी को उसका लड़का दे दिया गया. हालांकि बबीता देवी अब भी कह रही है कि उसे भी बेटा पैदा हुआ है. अब डीएनए टेस्ट का रिजल्ट आने के बाद ही असली नतीजा पता चल सकेगा. 
 

 

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