फैक्ट चेक: गुजरात चुनाव में आप की जीत की संभावना जताने वाला ये न्यूज वीडियो फर्जी है, केजरीवाल ने भी किया था शेयर

इंडिया टुडे की फैक्ट चेक टीम ने पाया कि ये काट-छांट कर बनाया गया फर्जी वीडियो है. 'एबीपी न्यूज' की असली रिपोर्ट में 'आप' संयोजक अरविंद केजरीवाल के उस बयान पर सवाल उठाया गया था जिसमें उन्होंने कहा था कि आईबी के सर्वे के मुताबिक गुजरात में आम आदमी पार्टी की जीत की उम्मीद है.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
एबीपी न्यूज की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि गुजरात के आगामी चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जादू फेल होता दिख रहा है.
सच्चाई
ये वीडियो एबीपी न्यूज की एक रिपोर्ट को एडिट करके बनाया गया है. असली रिपोर्ट में आप संयोजक अरविंद केजरीवाल के इस दावे की पड़ताल की गई है कि आईबी के एक सर्वे के अनुसार गुजरात में 'आप' के जीतने की उम्मीद है.

ज्योति द्विवेदी

  • नई दिल्ली,
  • 20 अक्टूबर 2022,
  • अपडेटेड 5:31 PM IST

'एबीपी न्यूज' की एक कथित वीडियो रिपोर्ट इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी शेयर की जा रही है जिसमें कहा गया है कि गुजरात चुनाव में आम आदमी पार्टी की स्थिति बीजेपी और कांग्रेस दोनों से बेहतर है.

कई लोगों को ये बात हैरान करने वाली लग रही है क्योंकि हाल ही में एबीपी न्यूज चैनल के ओपीनियन पोल में ही ऐसी उम्मीद जताई गई था कि गुजरात में बीजेपी 135-143 सीटें जीत कर सरकार बनाएगी. वहीं इस सर्वे में आम आदमी पार्टी को दो सीटें मिलने की संभावना जाहिर की गई थी.

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इस वीडियो में पहले एक एंकर कहती है, "प्रधानमंत्री का गृहराज्य गुजरात, बीजेपी का सबसे मजबूत किला है. लेकिन इस बार आम आदमी पार्टी भी गुजरात पर पूरा जोर लगा रही है. कुछ दिन पहले अरविंद केजरीवाल ने ये दावा किया था कि आईबी की रिपोर्ट में गुजरात में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने जा रही है. गुजरात की चुनावी राजनीति के वादों और दावों की हकीकत विस्तार से बताती एबीपी न्यूज संवाददाता अभिषेक उपाध्याय की ये ग्राउंड रिपोर्ट देखिये."  

इसके बाद वॉइसओवर आता है, जिसमें कही गई खास बातें हैं, "दिसंबर माह में गुजरात में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं. राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस ने चुनाव से पहले ही घुटने टेक दिए हैं. माना जा रहा है कि इस बार भाजपा और आम आदमी पार्टी ही चुनावी मैदान में हैं. और आम आदमी पार्टी के बढ़ते वर्चस्व ने भाजपा की नींद उड़ा दी है. यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात में कई दौरे कर चुके हैं. लेकिन उनका जादू भी फेल होता दिख रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कई कार्यक्रमों में खाली कुर्सियों ने भाजपा की चिंता को बढ़ा दिया है."

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वीडियो के अंत में एक रिपोर्टर तीन लोगों से सवाल पूछता है कि इस बार गुजरात में किसकी सरकार बनेगी. इस पर तीनों अरविंद केजरीवाल का नाम लेते हैं.

इस वीडियो को पोस्ट करते हुए एक ट्विटर यूजर ने लिखा, "गुजरात के मूड को समझने के लिए इस वीडियो को ज़रूर देखें".

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस वीडियो को ट्वीट किया, लेकिन बाद में डिलीट कर दिया. उनकी पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.

इंडिया टुडे की फैक्ट चेक टीम ने पाया कि ये काट-छांट कर बनाया गया फर्जी वीडियो है. 'एबीपी न्यूज' की असली रिपोर्ट में 'आप' संयोजक अरविंद केजरीवाल के उस बयान पर सवाल उठाया गया था जिसमें उन्होंने कहा था कि आईबी के सर्वे के मुताबिक गुजरात में आम आदमी पार्टी की जीत की उम्मीद है.

रिपोर्ट के जिन हिस्सों में आम आदमी पार्टी पर सवाल उठाया गया है, उन्हें एडिटिंग के जरिये हटा दिया गया है. इतना ही नहीं, वीडियो में एंकर की बात के बाद जो वॉइसओवर सुनाई देता है, उसे वीडियो में अलग से जोड़ा गया है. ये असली रिपोर्ट में है ही नहीं.

कैसे पता लगाई सच्चाई?

हमने देखा कि वीडियो पर कमेंट करते हुए कई लोग लिख रहे हैं कि ये फर्जी है.  

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असलियत जानने के लिए हमने एबीपी न्यूज के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर इस वीडियो को ढूंढा. यहां पर इसे 16 अक्टूबर, 2022 को पोस्ट किया गया था.

इस रिपोर्ट के शुरुआती हिस्से में एंकर शीरीन, अरविंद केजरीवाल के एक बयान का जिक्र करती है जिसमें उन्होंने कहा था कि आईबी के सर्वे के मुताबिक गुजरात में आम आदमी पार्टी की सरकार बन सकती है. इसके बाद वो कहती है, 'सवाल ये भी है कि क्या आईबी की कोई ऐसी रिपोर्ट होती भी है'. इस सवाल वाले हिस्से को वायरल वीडियो में से हटा दिया गया है.

इसके बाद वाले हिस्से में एबीपी न्यूज का रिपोर्टर आम आदमी पार्टी के अहमदाबाद ऑफिस पहुंचता है. यहां पर वो गुजरात के नरोदा से आप उम्मीदवार पंडित ओम प्रकाश तिवारी से मुलाकात करता है. ओमप्रकाश कहते हैं कि इंटेलीजेंस ब्यूरो की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक उनकी पार्टी को तकरीबन 106 सीटें मिलने की उम्मीद है.

फिर ​रिपोर्टर, ओमप्रकाश के साथ जनता के बीच जाकर लोगों से पूछता है कि आईबी क्या होती है. कोई कहता है कि उसे पता नहीं है, कोई कहता है कि ये एग्जिट पोल होता है और कोई कहता है कि आईबी सर्वे करने वालों को कहते हैं. फिर वो ओमप्रकाश से भी यही सवाल पूछते हैं. वो बताते हैं, "इंटेलीज ब्यूरो एक गवर्नमेंट जो होती है, जो मीटिंगें होती हैं प्रजा के बीच में".  

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इसके बाद वॉइओवर में कहा जाता है, 'ओम प्रकाश तिवारी के दावों की पोल उन्हीं के समर्थकों ने खोल दी. आईबी क्या है, कोई नहीं जानता था'.

फिर वीडियो में इंटेलीजेंस ब्यूरो के बारे में बताया जाता है. फिर रिपोर्टर कुछ और लोगों से सवाल पूछता है कि किसकी सरकार आएगी. इस पर एक लड़का कांग्रेस का नाम ले लेता है. ये सुनकर ओम प्रकाश सफाई देते हैं, "इसको ऐसा लग रहा है कि मैं कांग्रेस में हूं. पहले मैं कांग्रेस में था न!"  

इसके बाद वॉइसओवर आता है, "अहमदाबाद की सड़कों पर लोगों से सवालात के बाद आम आदमी पार्टी के दावों और सच्चाई में बहुत फर्क मिला." अंत में ये बताया जाता है कि एबीपी न्यूज-सी वोटर के सर्वे के मुताबिक गुजरात में बीजेपी के जीतने की उम्मीद है.  
 

साफ पता लग रहा है कि वीडियो में से जानबूझकर उन बातों को हटा दिया गया है जो आम आदमी पार्टी के पक्ष में नहीं लगतीं.

कुछ दिनों पहले एबीपी न्यूज के हिमाचल चुनाव संबंधी ओपीनियन पोल को लेकर भी झूठी खबर फैलाई गई थी. तब भी हमने उसकी सच्चाई बताई थी.  

( इनपुट: यश मित्तल)

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