जमीन पर निढाल पड़े गैंडे और उसके माथे पर हाथ टिकाकर उदास निगाहों से नीचे ताकते एक शख्स की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. ऐसा दावा किया जा रहा है कि ये दुनिया का आखिरी सफेद गैंडा था जिसकी अब मौत हो गई है. इस तस्वीर को शेयर करते हुए लोग दुख जता रहे हैं कि सफेद गैंडा अब धरती से पूरी तरह विलुप्त हो गया है.
एक फेसबुक यूजर ने इस तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा, धरती के आखिरी सफेद गैंडे ने दम तोड़ दिया. इसने तमाम मुसीबतें झेलीं, पर ये इंसानी लालच की भेंट चढ़ गया.
इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि सोशल मीडिया पर जिस गैंडे की तस्वीर शेयर करते हुए दुनिया के आखिरी सफेद गैंडे की मौत की बात कही जा रही है, वो सूडान नाम का दुनिया का आखिरी नर उत्तरी सफेद गैंडा था. इस प्रजाति की दो मादा गैंडा अभी जिंदा हैं. सूडान की मौत साल 2018 में हुई थी.
फेसबुक के साथ ही इंस्टाग्राम पर भी बहुत सारे लोग वायरल तस्वीर में दिख रहे गैंडे को दुनिया का आखिरी सफेद गैंडा बता रहे हैं.
क्या है सच्चाई?
कीवर्ड सर्च के जरिये हमें पता चला कि सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर 45 वर्षीय नर उत्तरी सफेद गैंडे सूडान की है जिसने 19 मार्च 2018 को केन्या की ‘ओल पेजेता कन्जरवेट्री’ में दम तोड़ दिया था. जब ये गैंडा जिंदा था तो इसकी देखभाल किसी वीआईपी की तरह होती थी. दुनिया के तमाम मशहूर सेलिब्रिटी इसे देखने जाते थे. एक रोचक बात ये है कि डेटिंग एप टिंडर ने इस गैंडे को दुनिया के ‘सबसे योग्य बैचलर’ तक की उपाधि दे दी थी. सूडान की देखभाल के लिए पैसा इकट्ठा करने के मकसद से टिंडर पर सूडान की प्रोफाइल भी बनाई गई थी.
वायरल तस्वीर ‘नेशनल ज्योग्रॉफिक’ चैनल की फोटोग्राफर एमी विटाले ने खींची थी.
सफेद गैंडों की सिमटती आबादी
‘वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड’ (डब्लूडब्लूएफ) संस्था के मुताबिक सफेद गैंडा जमीन पर पाया जाने वाला दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्तनधारी जानवर है. इसकी दो उप-प्रजातियां होती हैं- उत्तरी और दक्षिणी.
डब्लूडब्लूएफ ने सफेद गैंडे को ‘नीयर थ्रेटेंड’ श्रेणी में डाला है. यानी, इसका अस्तित्व खतरे के करीब है. ‘डेलीमेल’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2015 तक दुनिया में तकरीबन 20,000 दक्षिणी सफेद गैंडे बचे थे.
सूडान की मौत के बाद अब दुनिया में सिर्फ दो उत्तरी सफेद गैंडे बचे हैं. ये दोनों ही मादा हैं जिनके नाम नाजिन और फातू हैं. ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने जनवरी 2021 में इन दोनों गैंडो पर एक रिपोर् छापी थी.
अब ‘इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन’ यानी टेस्ट ट्यूब तकनीक से उत्तरी सफेद गैंडे की प्रजाति को खत्म होने से बचाने की कोशिश की जा रही है. ‘इंडिया टुडे’ की साल 2019 की एक रिपोर्ट के मुताबिक ‘इन-विट्रो’ तकनीक के जरिये मादा उत्तरी सफेद गैंडों से लिए गए अंडों का फर्टिलाइजेशन फ्रीज करके रखे गए नर उत्तरी सफेद गैंडे के स्पर्म के साथ करवाया गया था. इस तकनीक से उत्तरी सफेद गैंडे के दो भ्रूण तैयार किए गए थे.
उत्तरी सफेद गैंडे के खात्मे की कगार पर पहुंचने की मुख्य वजह इंसानों द्वारा इसका शिकार किया जाना है. मुख्य रूप से इसके सींग के लिए इसका शिकार किया जाता है. इसकी सींग दवाइयां बनाने के काम आती हैं. यानी, सफेद गैंडा अभी धरती से विलुप्त तो नहीं हुआ है, पर इसकी एक उप प्रजाति यानी उत्तरी सफेद गैंडे विलुप्ति की कगार पर हैं. इस प्रजाति को बचाने की कवायद जारी है.
ज्योति द्विवेदी