फैक्ट चेक: गोलियों से छलनी इंदिरा गांधी के पुतले के पास तिरंगा जलाते लोगों का ये वीडियो पंजाब का नहीं है

क्या पंजाब में सिख खुलेआम सड़कों पर तिरंगा जला रहे हैं? सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए कुछ ऐसा ही कहा जा रहा है. वीडियो में पगड़ी पहने कुछ लोग भारत का झंडा और भारत के संविधान का एक पोस्टर जलाते हुए दिखाई दे रहे हैं.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
ये वीडियो पंजाब का है, जहां एक प्रदर्शन के दौरान सिखों ने भारत का झंडा जलाया.
सच्चाई
ये कनाडा में 6 जून, 2024 को हुए एक खालिस्तानी प्रदर्शन का वीडियो है, जो ऑपरेशन ब्लू स्टार के 40 साल पूरे होने पर किया गया था. 

संजना सक्सेना

  • नई दिल्ली ,
  • 12 जून 2024,
  • अपडेटेड 11:33 PM IST

क्या पंजाब में सिख खुलेआम सड़कों पर तिरंगा जला रहे हैं? सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए कुछ ऐसा ही कहा जा रहा है. वीडियो में पगड़ी पहने कुछ लोग भारत का झंडा और भारत के संविधान का एक पोस्टर जलाते हुए दिखाई दे रहे हैं. ये वीडियो किसी प्रदर्शन का लग रहा है, जहां गोलियों से छलनी इंदिरा गांधी और उनके सामने बंदूक ताने खड़े दो सिखों के पुतले मौजूद हैं. वीडियो में ‘किल मोदी पॉलिटिक्स’ जैसे पोस्टर दिखाई दे रहे हैं. साथ ही, वीडियो में ढोल और नारेबाजी करते लोगों की आवाज भी सुनाई दे रही है. 

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फेसबुक पर ये वीडियो शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, “पंजाब में खालिस्तानियो द्वारा संविधान की प्रतियां जलाई जा रही हैं तिरंगा जलाया जा रहा है. लेकिन भीम आर्मी भीम सेना वालों का खून नहीं खौल रहा.” इसका आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है. 

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो पंजाब का तो क्या, भारत का ही नहीं है. दरअसल, ये कनाडा में 6 जून, 2024 को हुए एक खालिस्तानी प्रदर्शन का वीडियो है, जो ऑपरेशन ब्लू स्टार के 40 साल पूरे होने पर हुआ था. 

कैसे पता लगाई सच्चाई?

वीडियो पर ‘Media Bezirgan’ का लोगो दिखाई दे रहा है. इस क्लू की मदद से खोजने पर हमें वायरल वीडियो का लंबा वर्जन इसी नाम के एक यूट्यूब चैनल पर मिला. यहां इसे 7 जून, 2024 को शेयर करते हुए बताया गया था कि ये कनाडा में हुए एक प्रदर्शन का वीडियो है. वैंकूवर शहर में स्थित भारतीय कॉन्सुलेट पर जुटी खालिस्तानी समर्थकों की भीड़ ने ये प्रदर्शन किया था.  

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हमें इस प्रदर्शन के बारे में छपी कई न्यूज रिपोर्ट्स भी मिलीं. इनके मुताबिक 6 जून, 2024 को कनाडा में ऑपरेशन ब्लू स्टार की 40वीं बरसी पर इंदिरा गांधी की हत्या की झांकी निकाली गई थी. झांकी में गोलियों से छलनी इंदिरा गांधी के सामने बंदूक ताने उनके हत्यारे, बेअंत सिंह और सतवंत सिंह के पुतले दिखाए गए. प्रदर्शनकारियों ने खालिस्तान के झंडे लहराते हुए भारत विरोधी नारे लगाए. साथ ही, इस प्रदर्शन के दौरान भारत का झंडा और भारत के संविधान का पोस्टर भी  जलाया गया. 

इस घटना के बारे में कनाडा में ट्रूडो सरकार के मंत्री, डोमिनिक लेब्लांक ने 8 जून, 2024 को ट्वीट करते हुए कहा था कि कनाडा में हिंसा को बढ़ावा देना कभी भी स्वीकार्य नहीं है. साथ ही, भारत सरकार ने इस प्रदर्शन के संबंध में कनाडा के विदेश मंत्रालय, ग्लोबल अफेयर्स कनाडा से शिकायत दर्ज कराई है. बता दें कि इससे पहले, जून 2023 में भी कनाडा में इंदिरा गांधी की हत्या को लेकर एक आपत्तिजनक परेड निकाली गई थी, जिसपर काफी आक्रोश हुआ था. 

This week, there were reports of imagery depicting the assassination of Indian Prime Minister Indira Gandhi in Vancouver. The promotion of violence is never acceptable in Canada.

— Dominic LeBlanc (@DLeBlancNB) June 7, 2024

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क्या था ऑपरेशन ब्लू स्टार? 

साल 1984 में खालिस्तान समर्थक जरनैल सिंह भिंडरांवाले को पकड़ने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आदेश पर ऑपरेशन ब्लू स्टार चलाया गया था. इसके तहत सेना ने 6 जून 1984 को अमृतसर के गोल्डन टेंपल में घुसकर वहां छिपे भिंडरांवाले को मार डाला था. ऑपरेशन के दौरान गोल्डन टेंपल और अकाल तख्त साहिब को काफी नुकसान पहुंचा था, जिससे सिखों में काफी गुस्सा था. 

इसके चलते 31 अक्टूबर 1984 को इंदिरा गांधी की सुरक्षा में तैनात दो सिख अंगरक्षकों ने गोलियां मारकर उनकी हत्या कर दी थी. इंदिरा की मौत से नाराज लोगों ने देश भर में 8,000 से ज्यादा सिखों को मौत के घाट उतार दिया था.

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