फैक्ट चेक: दो साल पुराना है ‘मोदी जी, तुम लट्ठ बजाओ’ के नारे वाला ये वीडियो

भीड़भाड़ वाले इलाके में रैली निकालते लोगों के हुजूम का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया जा रहा है. गणतंत्र दिवस के दिन दिल्ली में हुई घटनाओं के बाद से वायरल हो रहे इस वीडियो को हाल-फिलहाल का बताया जा रहा है.

Advertisement

आजतक फैक्ट चेक

दावा
गणतंत्र दिवस के दिन किसानों की ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसा के बाद कुछ लोगों ने दिल्ली पुलिस के समर्थन में "मोदी जी तुम लठ बजाओ, हम तुम्हारे साथ हैं” नारा लगाते हुए रैली निकाली.
सच्चाई
"मोदी जी तुम लठ बजाओ, हम तुम्हारे साथ हैं” नारा लगाते हुए रैली निकाल रहे लोगों का जो वीडियो वायरल है, वो कम से कम दो साल पुराना है. किसान आंदोलन से इसका कोई संबंध नहीं है.

ज्योति द्विवेदी

  • नई दिल्ली,
  • 02 फरवरी 2021,
  • अपडेटेड 12:18 AM IST

“मोदी जी, तुम लट्ठ बजाओ, हम तुम्हारे साथ हैं. लंबे-लंबे लट्ठ बजाओ, हम तुम्हारे साथ हैं.”

ये नारा लगाते हुए साथ भीड़भाड़ वाले इलाके में रैली निकालते लोगों के हुजूम का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया जा रहा है. गणतंत्र दिवस के दिन दिल्ली में हुई घटनाओं के बाद से वायरल हो रहे इस वीडियो को हाल-फिलहाल का बताया जा रहा है. ऐसा कहा जा रहा है कि ये रैली हिंसा पर उतर आए किसानों से जूझ रही दिल्ली पुलिस के समर्थन में निकाली गई.

Advertisement

इस वीडियो को शेयर करने वाले लोग ‘#किसान_नहीं_गुंडे’ जैसे हैशटैग्स के जरिये आंदोलन कर रहे किसानों के प्रति अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं.

एक फेसबुक यूजर ने ये वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “मोदी जी लठ बजाओ हम तुम्हारे साथ है. क्युकी ये किसान हो ही नहीं सकते.”  

इस पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.

एक ट्विटर यूजर ने ये वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “26 जनवरी को इन #नकली किसानों ने जो देश की इज्जत को दाग लगाया. अब दिल्ली की जनता इनको बॉर्डर पर और देखने के मूड में नही है. #हमारा_बॉर्डर_खाली_करो #योगी_जी_अब_लठ_बजाओ.”

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि सोशल मीडिया पर किसान आंदोलन के दौरान दिल्ली पुलिस के समर्थन में निकली रैली का जो वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है, वो कम से कम दो साल पुराना है और इससे पहले सीएए-एनआरसी के विरोध में हुए प्रदर्शनों के वक्त भी वायरल हो चुका है.
 
एक फेसबुक यूजर ने ये वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “मोदी जी लठ बजाओ, हम तुम्हारे साथ है, लंबे लंबे लठ बजाओ हम तुम्हारे साथ है. #दिल्ली_पुलिस_लठ_बजाओ #किसान_नहीं_गुंडे”

Advertisement

ट्विटर पर ये वीडियो शेयर करते हुए एक यूजर ने अंग्रेजी में कैप्शन लिखा, जिसका हिंदी अनुवाद है,, “ये किसी भी तरह से शांतिपूर्ण प्रदर्शन नहीं है. इन निरंकुश गुंडों को बर्दाश्त कर रहे सभी पुलिस अधिकारियों की जिंदगी कीमती है. दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर विश्वास करते हुए ट्रैक्टर रैली की अनुमति दी और इन्होंने क्या किया! शर्मनाक! #दिल्ली_पुलिस_लट्ठ_बजाओ हम तुम्हारे साथ हैं !”
 
क्या है सच्चाई

कीवर्ड सर्च से हमें पता चला कि साल 2019 में कई सोशल मीडिया यूजर्स ने ये वीडियो शेयर किया था. एक फेसबुक यूजर ने 22 दिसंबर 2019 को ये वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन लिखा था, “यह भीड़ कह रही है कि दिल्ली पुलिस लट्ठ बजाओ, हम तुम्हारे साथ हैं, लंबे लंबे लट्ठ बजाओ हम तुम्हारे साथ है, मोदी जी लट्ठ बजाओ हम तुम्हारे साथ है। यह वही लोग हैं जिनके बाप मां, नोटबन्दी के दौरान लाइन मे खड़े होकर लट्ठ खाये हैं और अब एनआरसी के लिए लाइन में खड़ा होकर लट्ठ खाने को तैयार हैं।” इस पोस्ट से हमें अंदाजा लगा कि ये वीडियो सीएए-एनआरसी के विरोध में चल रहे प्रदर्शनों के दौरान का हो सकता है.

हमने पाया कि बीजेपी हरियाणा के प्रचार प्रमुख जवाहर यादव ने ये वीडियो 26 दिसंबर 2019 को शेयर किया था. उन्होंने इसके साथ कैप्शन लिखा था, “हरियाणा की रैली देश की रैलियों से थोड़ी अलग होती है। "मोदी जी तुम लठ बजाओ, हम तुम्हारे साथ हैं.”

Advertisement

जवाहर यादव के इस ट्वीट से संबंधित एक खबर ‘लोकमत’ की वेबसाइट पर 27 दिसंबर 2019 को छपी थी. इस खबर में लिखा है कि ये वीडियो नागरिकता कानून के समर्थन में निकाली गई एक रैली का है.

हालांकि ये बात सच है कि इस साल गणतंत्र दिवस के दिन दिल्ली की ट्रैक्टर रैली में हिंसा की घटनाएं होने के बाद सोशल मीडिया पर ‘दिल्ली_पुलिस_लठ_बजाओ’ हैशटैग ट्रेंड हुआ था. ‘नवभारत टाइम्स’ ने इस बारे में रिपोर्ट भी छापी थी.

पड़ताल ये बात साफ है कि सोशल मीडिया पर वायरल “दिल्ली पुलिस लट्ठ बजाओ” स्लोगन वाला वीडियो किसान आंदोलन के दौरान दिल्ली पुलिस के समर्थन में हुई रैली का नहीं है. ये वीडियो साल 2019 से इंटरनेट पर मौजूद है. ये वीडियो हरियाणा का हो सकता है, हालांकि इस बारे में हम पुख्ता तौर पर कुछ नहीं कह सकते.

क्या आपको लगता है कोई मैसैज झूठा ?
सच जानने के लिए उसे हमारे नंबर 73 7000 7000 पर भेजें.
आप हमें factcheck@intoday.com पर ईमेल भी कर सकते हैं
Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement