सोशल मीडिया पर माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स के नाम से एक लंबी सी चिट्ठी वायरल हो रही है. दावा किया जा रहा है कि अरबपति बिल गेट्स ने कथित तौर पर कहा है कि कोरोना वायरस के फैलने का एक ''आध्यात्मिक मकसद" है और यह वायरस "एक महान सुधारक" है. 14 बिंदुओं में लिखे गए इस पत्र के साथ दावा किया जा रहा है कि इसे बिल गेट्स ने लिखा है कि हमें Covid-19 से क्या सबक सीखना चाहिए?
कई फेसबुक यूजर्स जैसे “Clement Fon ” और “Alejandro Lorenzo” ने इस वायरल मैसेज को फेसबुक पर पोस्ट किया है. इसका आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
इसके साथ ही फेसबुक पोस्ट देखने के लिए यहां क्लिक करें.
इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पड़ताल में पाया कि यह चिट्ठी अफवाह है. बिल गेट्स ने ऐसी कोई चिट्ठी नहीं लिखी है. यह पोस्ट व्हाट्सएप और फेसबुक पर खूब वायरल हो रही है.
दावे की पड़ताल करने के लिए हमने बिल गेट्स की ओर कोरोना वायरस को लेकर किए गए संवाद, इंटरव्यू और लेख आदि के बारे में सर्च किया.
बिल गेट्स ने 25 मार्च 2020 को TED Talk में हिस्सा लिया था, जहां उन्होंने इस बारे में बात की थी कि हमें इस महामारी का सामना कैसे करना चाहिए, लेकिन उन्होंने यह कहीं नहीं कहा कि कोरोना वायरस फैलने का कोई "आध्यात्मिक मकसद" है.
19 मार्च 2020 को बिल गेट्स ने Reddit पर Covid-19 से जुड़े लोगों के सवालों के जवाब भी दिए थे. इस पूरे सवाल जवाब के सत्र में उन्होंने कभी नहीं कहा कि वे कोरोना वायरस को "एक महान सुधारक" के रूप में देखते हैं.
गेट्स ने 28 फरवरी 2020 को एक लेख भी लिखा जिसका शीर्षक था “COVID-19 का सामना कैसे करें”. इस लेख में भी उन्होंने ऐसा नहीं लिखा है कि कोरोना वायरस फैलने का कोई “आध्यात्मिक मकसद” है या वह कोई “सुधारक” है.
स्पेनिश फैक्ट चेक वेबसाइट “Maltidita.es” ने वायरल चिट्ठी के बारे में बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन से संपर्क करके इस बात की तस्दीक की, लेकिन पता चला कि बिल गेट्स ने “न तो यह चिट्ठी लिखी है, न ही उनका इससे किसी भी तरह का संबंध है”.
इस तरह स्पष्ट है कि कहीं भी कोई सबूत मौजूद नहीं है जिससे यह पता चलता हो कि कोरोना वायरस को लेकर वायरल हो रही यह चिट्ठी बिल गेट्स ने लिखी है.
चयन कुंडू