फैक्ट चेक: AIMIM के प्रवक्ता वारिस पठान का पुराना वीडियो लॉकडाउन के उल्लंघन से जोड़कर वायरल

वारिस पठान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जिसमें वे मस्जिद को लेकर पुलिसवालों से बहस करते हुए दिखाई दे रहे हैं.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
लॉकडाउन के दौरान AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान एक मस्जिद में नमाज पढ़े जाने को लेकर पुलिस से बहस कर रहे हैं.
सच्चाई
वायरल वीडियो चार साल पुराना है. इसका लॉकडाउन से कुछ लेना-देना नहीं है.

विद्या

  • मुंबई,
  • 29 अप्रैल 2020,
  • अपडेटेड 5:43 PM IST

क्या ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान लॉकडाउन के दौरान धार्मिक स्थलों को बंद करने के नियम का उल्लंघन कर रहे हैं?

दरअसल, वारिस पठान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जिसमें वे मस्जिद को लेकर पुलिसवालों से बहस करते हुए दिखाई दे रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि वारिस पठान लॉकडाउन की धज्जियां उड़ा रहे हैं.

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इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज़ वॉर रूम ने पाया कि इस दावे में कोई सच्चाई नहीं है. वायरल वीडियो चार साल पुराना है और उसका लॉकडाउन से कोई संबंध नहीं है. पठान ने लॉकडाउन के दौरान इस पुराने वीडियो के वायरल होने के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई है.

फेसबुक यूजर 'Alok Chauhan' ने एक वीडियो अपलोड करते हुए लिखा है, 'लॉकडाउन की धज्जियां उड़ाते हुए श्री वारिस पठान'. 55 सेकंड के इस वीडियो में पठान एक पुलिस अधिकारी से कह रहे हैं “मैंने कानून का कभी उल्लंघन नहीं किया है. ये लोग शरीफ लोग हैं. यहां 40 साल से रह रहे हैं. इनको कोई परेशान नहीं करना. इस मस्जिद में हम लोग नमाज पढ़ रहे हैं 40 साल से. मस्जिद को बंद करने की कोशिश नहीं करना. लाउड स्पीकर को बंद करने की कोशिश नहीं करना और ऐसा रात को जूता पहन के घुसने का... औरतों के रूम में घुसा है, औरतों ने बोला हैं. देखो हम लोग प्यार से बात करते हैं. हम लोग लॉ एंड आर्डर मानने वाले लोग हैं.”

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वीडियो में बाईं तरफ ऊपर भायखला लिखा हुआ है तो दाईं तरफ मुंबई लाइव लिखा हुआ है. ट्विटर पर भी कई लोगों ने इसी तरह के दावों के साथ ये वीडियो शेयर किया है. इस पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.

2016 का वीडियो

पड़ताल के लिए हमने कुछ कीवर्ड्स का इस्तेमाल करते हुए इंटरनेट पर सर्च किया तो हमें मुंबई लाइव चैनल का एक यूट्यूब वीडियो मिला, जो कि 1.13 मिनट लंबा है और 18 नवंबर, 2016 को अपलोड किया गया है. इस वीडियो के अंत में पठान पुलिस अधिकारी से बात करने के बाद वहां मौजूद लोगों से बात करते हुए कह रहे हैं कि पुलिस किसी को परेशान नहीं करेगी और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हैं.

इसी चैनल की वेबसाइट ने इस वाकये के बारे में लिखा है कि दरअसल, भायखला के इलाके में पुलिस एक मस्जिद के लाउडस्पीकर को बंद करवाने पहुंची थी, तब वहां के लोगों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी. पठान भी वहां पहुंचे थे और ये तभी का वीडियो है.

ट्वीट

वारिस पठान ने पुराने वीडियो के वायरल होने पर पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है और इस बारे में ट्वीट किया है कि “कुछ लोग पांच साल पुराने वीडियो पोस्ट करके इस महामारी में झूठी खबरें फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. उस समय वहां पुलिस की मौजूदगी में मेरे समय पर हस्तक्षेप के बाद लाउडस्पीकर का मुद्दा सुलझ गया था. तब वहां मौजूद पुलिस वालों ने मेरा आभार माना था.” इस ट्वीट में पठान महाराष्ट्र के गृहमंत्री और महाराष्ट्र साइबर सेल के अधिकारियों से आग्रह करते हैं कि ऐसे फर्जी पोस्ट के खिलाफ कार्रवाई की जाए.

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पड़ताल से जाहिर है कि वायरल वीडियो पुराना है और इसका लॉकडाउन से कोई लेना-देना नहीं है. पुराने वीडियो को आधा-अधूरा दिखाकर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है.

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