बिहार विधानसभा चुनाव में चौंकाने वाले प्रदर्शन के बाद क्या असदुद्दीन ओवैसी बंगाल में बीजेपी से हाथ मिलाने वाले हैं? सोशल मीडिया पर बीजेपी के एक कथित ट्वीट के जरिए ऐसा ही दावा किया जा रहा है.
बिहार में ओवैसी की पार्टी ने न सिर्फ 5 सीटें जीतीं बल्कि कई सीटों पर नतीजों में उलटफेर का कारण भी बनी. कई लोगों का ये मानना है कि ओवैसी की पार्टी AIMIM की वजह से मुस्लिम वोट बंट जाते हैं जिससे बीजेपी को फायदा पहुंचता है. इस वजह से कांग्रेस के कई नेता ये आरोप लगा रहे हैं कि ओवैसी की पार्टी बीजेपी से मिली हुई है.
सोशल मीडिया पर वायरल बीजेपी के कथित ट्वीट का एक स्क्रीनशॉट शेयर किया जा रहा है जिसमें लिखा है, “पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी चुनावों के लिए हमने एआईएमआईएम पार्टी के साथ गठबंधन किया है.”
इस ट्वीट के साथ कैप्शन लिखा है,‘इत्तेहाद-ऐ-भारतीय जनता मुसलमीन’
इस पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि सोशल मीडिया पर शेयर हो रहा बीजेपी के कथित ट्वीट का स्क्रीनशॉट एडिटिंग सॉफ्टवेयर की मदद से बनाया गया है. बीजेपी ने खबर लिखे जाने तक एआईएमआईएम पार्टी के साथ पश्चिम बंगाल में किसी तरह के गठबंधन की घोषणा नहीं की है.
वायरल ट्वीट शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा, “संघी, अंधभक्त, कठमुल्ले सब एक हैं”
इस स्क्रीनशॉट को बहुत सारे लोग असली मानकर शेयर कर रहे हैं.
क्या है सच्चाई
हमें भारतीय जनता पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर ऐसा कोई ट्वीट नहीं मिला, जिसमें आगामी बंगाल चुनावों में ओवैसी की पार्टी के साथ गठबंधन की बात कही गई हो.
हमें किसी विश्वसनीय न्यूज वेबसाइट पर भी ऐसी कोई खबर नहीं मिली. अगर बीजेपी ने ऐसा कोई बयान दिया होता तो सभी जगह उसकी चर्चा होती.
हमने वायरल ट्वीट को बारीकी से देखा और बीजेपी के असली ट्वीट्स से उसकी तुलना की. हमने पाया कि वायरल ट्वीट में भारतीय जनता पार्टी का ट्विटर हैंडल ‘@bjp4india’ लिखा है. वहीं भाजपा का आधिकारिक ट्विटर हैंडल ‘@BJP4India’ है. यानी अगर ये ट्वीट बीजेपी के असली ट्विटर हैंडल से किया गया होता, तो इसमें b, j और p अक्षर कैपिटल लेटर में लिखे होते.
तुलना करने पर हमें एक और बात नजर आई कि 24 हजार रीट्वीट और तकरीबन 3 लाख लाइक्स होने के बावजूद इसमें एक भी ‘कोट ट्वीट’ नहीं है. यानी किसी ने भी इस ट्वीट का हवाला देते हुए इस पर कोई कमेंट नहीं किया है. ये बात थोड़ी असामान्य लगती है.
पड़ताल से साफ है कि जिस ट्वीट के हवाले से आगामी बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी और ओवैसी की पार्टी के गठबंधन की बात कही जा रही है, उसे एडिटिंग टूल के जरिये बनाया गया है. ये बीजेपी का असली ट्वीट नहीं है.
ज्योति द्विवेदी