एजेंडा आजतक के मंच पर अरविंद केजरीवाल ने अपने ऊपर लग रहे कई आरोपों और उन सारे मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बात रखी, जिसको लेकर उन्हें अक्सर घेरा जाता है. उन्होंने सीएम हाउस में महंगे पर्दे और टाइल्स लगाने वाली चर्चा पर भी विराम लगा दिया.
जब अरविंद केजरीवाल से पूछा गया कि दिल्ली के सीएम हाउस को लेकर कई सारे वीडियो क्लिप आते रहते हैं. बताया जाता है कि आप जिस घर में रहते थे. उसमें 10 लाख के पर्दे ही लगे थे. इस पर पूर्व सीएम ने बड़े ही सहज अंदाज में जवाब दिया. उन्होंने कहा कि मुझे उस घर से कुछ लेना देना नहीं.
'मोह रहता तो कुछ दिन सीएम हाउस में जरूर रहता'
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं जेल गया वहां बहुत कठिन जिंदगी बिताई है, मैंने काल कोठरी के अंदर छह महीने रहा. अगर मुझे उस घर से प्यार होता तो मैं जेल से लौटने के बाद कम से कम दो-तीन महीने तो वहां जरूर रहता. लौटने के तुरंत बाद मैंने इस्तीफा दिया और फिर तीन दिन के अंदर घर खाली दिया.
जो भी सीएम बनेगा, उस घर में रहेगा...
दिल्ली के पूर्व सीएम ने कहा कि जब मैं सीएम था, तो मैं सीएम के घर में रह रहा था. कल को कोई भी सीएम बनेगा दिल्ली का तो उसी घर में रहेगा. जब मैं एक्टिविस्ट था, तो मैं दिल्ली की झुग्गियों में रहता था. आज में नेशनल कन्वेनर हूं. अब नेशनल कन्वेनर के तौर पर केंद्र सरकार जो घर देगी, मैं उसमें रहूंगा. भगवान नें मुझे जिंदगी में जो भी जिम्मेदारी दी, उसके हिसाब से मुझे जो घर मिला मैं उसमें रह रहा हूं.
'मुख्य मुद्दे से ध्यान भटकाना चाहते हैं कुछ लोग'
अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि ये सोचना पड़ेगा कि ये लोग ये मुद्दा क्यों उठा रहे हैं. जब से मैंने दिल्ली के अंदर कानून व्यवस्था का मुद्दा जोर शोर से उठाना शुरू किया है. मैंने जब से ये कहना शुरू किया कि दिल्ली में गैंगस्टर राज है. दिल्ली के अंदर महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं. दिल्ली में व्यापारियों से रंगदारी मांगी जा रही है. उन्हें फिरौती के कॉल्स आ रहे हैं. तब से ध्यान भटकाने के लिए इन्होंने सीएम हाउस का मुद्दा उठाना चालू कर दिया.
'उस घर को मैंने नहीं, पीडब्ल्यूडी ने बनाया था'
केजरीवाल ने कहा कि इस पूरे चुनाव में इन लोगों ने सिर्फ यही मुद्दा उठाना शुरू कर दिया है कि केजरीवाल ये जूता पहनाता है, ये शर्ट पहनता है, ऐसे घर में रहता है. इनका एक ही मिशन है केजरीवाल हटाओ और मेरा एक ही मिशन है दिल्ली बचाओ, दिल्ली के लोगों को बचाओ. वो सीएम का घर है, मैंने थोड़े बनाया था, पीडब्ल्यूडी ने बनाया था.
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