कहते हैं हिम्मत करने वालों की हार नहीं होती. 78 साल की उर्मिला बा की इंस्पायरिंग कहानी भी यही मिसाल पेश करती है. जिस उम्र में लोग हार मान बैठते हैं, उनका जज्बा ठंडा पड़ जाता है, उम्र की उस दहलीज पर उर्मिला बा ने अपना खुद का बिजनेस खोला. कभी आर्थिक तंगी में जीने को मजबूर उर्मिला बा के पास अब पैसों की कमी नहीं है. वे खाने के स्टोर के साथ यूट्यूब चैनल भी चला रही हैं. 78 साल की उर्मिला बा का अब मास्टर शेफ बनने का सपना है.
उर्मिला बा की इंस्पायरिंग जर्नी
मास्टरशेफ इंडिया 7 की सबसे चहेती और उम्रदराज कटेस्टेंट उर्मिला बा को शो में खूब लाइमलाइट मिल रही है. उनकी जर्नी को टॉप मोस्ट जजेस ही नहीं पूरा देश सलाम कर रहा है. उर्मिला बा मास्टर शेफ की विनर बनेंगी या नहीं, इसका जवाब मिलने में अभी वक्त है. मगर इस मंच तक पहुंचने की उनकी जर्नी उन्हें पहले ही विनर बना चुकी है. बच्चों की मौत से लेकर पैसों की तंगी में जिंदगी काटने वाली उर्मिला बा आज स्टार बन गई हैं. तो चलिए बिना देर किए जानते हैं कैसे 203 घरों में खाना बनाकर गुजारा करने वाली उर्मिला बा बिजनेस वुमन बनीं.
कैसे शुरू हुआ बिजनेस?
77 साल की उम्र में उर्मिला बा ने अपना बिजनेस शुरू किया था. उनके पोते का बिजनेस पैनडेमिक की वजह से बंद हो गया था. लॉकडाउन में घर का खर्चा संभालने के लिए उन्होंने पोते हर्ष के साथ मिलकर Gujju Ben Na Nasta की शुरूआत की. आज उनके Gujju Ben Na Nasta की सोशल मीडिया और अखबारों में चर्चा रहती है. फूड ऐप्स पर भी उनका नाश्ता हॉट सेलर है. उर्मिला बा ने अपनी गली के एक कॉर्नर पर गुजराती स्नैक्स स्टार्टअप Gujju Ben Na Nasta स्टोर खोला है. जहां ड्राई नाश्ता मिलता है. वे सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक काम करती हैं.
उर्मिला बा Gujjuben नाम का यूट्यूब चैनल चलाती हैं. उनके 85.3K सब्सक्राइबर्स हैं. 78 साल की उम्र में वे अपना घर चलाती हैं. उन्होंने अचार से अपने बिजनेस की शुरूआत की थी. इसके बाद वे थेपला, ढोकला, पुरन पोली, हलवा, साबुदाना खिचड़ी बनाने लगीं. वे हर महीने 5 लाख रुपये कमाती हैं.
संघर्ष भरी रही जिंदगी
उर्मिला बा की जिंदगी संघर्ष भरी रही. तीन बच्चों को खोने के बाद भी वे घर को अकेले चलाती रहीं. उनकी ढाई साल की बच्ची तीसरी मंजिल से गिर गई थी, एक लड़के को दिल का दौरा पड़ा और दूसरे को ब्रेन ट्यूमर था. तीनों बच्चों की मौत ने उन्हें तोड़ा, पर उन्होंने कभी हार नहीं मानी. बीमार सास का इलाज करना, पूरा घर चलाना, अपने बच्चों को पालना फिर नाती-पोतों को पालना, उनकी ही जिम्मेदारी रही. पैसों की तंगी देखने के बाद भी वे हमेशा आत्मनिर्भर रहीं. आज उर्मिला बा के साथ उनकी पूरी टीम काम करती है. उर्मिला बा की इंस्पायरिंग जर्नी Ted X में भी दिखाई गई है.
वाकई में उर्मिला बा सबके लिए बड़ी मिसाल हैं.
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