भारतीय फिल्मों को विदेशी बॉक्स ऑफिस पर रिलीज किए जाने का चलन वक्त के साथ काफी तेजी से बढ़ता जा रहा है. आमिर खान की दंगल और सीक्रेट सुपरस्टार जैसी फिल्मों ने जब दूसरे देशों में अपना परचम लहराया तो बाकी फिल्मों के मेकर्स का ध्यान भी इस तरफ गया. नतीजा ये हुआ कि अपनी फिल्मों को भारत के अलावा बाकी देशों में भी रिलीज किए जाने की एक होड़ सी शुरू हो गई.
विदेशों में किस बात पर निर्भर करता है भारतीय फिल्मों का मुनाफा?
ऐसी क्या वजह है कि मेकर्स अपनी फिल्म को भारत के अलावा और भी देशों में रिलीज करना चाहते हैं? आखिर इससे क्या फायदा होता है और उस फायदे की संभावना कितनी प्रबल होती है? दरअसल भारतीय फिल्मों को होने वाला मुनाफा विदेशों में रिलीज हुई फिल्म के चलने और वहां इन्हें रिलीज किए जाने के बाद होने वाले प्रॉफिट पर लगने वाले टैक्स के आधार पर तय होता है.
कम कॉम्पटीशन और बड़ी फैन फॉलोइंग का मिलता है फायदा
अमेरिका में भारत की तुलना में काफी कम फिल्में रिलीज होती हैं. साथ ही वहां पर भारतीयों की आबादी भी अच्छी खासी है. यही वजह है कि वहां पर फिल्म के चलने की संभावना भी ज्यादा होती है और बाकी फिल्मों के साथ होने वाला कॉम्पटीशन भी कम होता है. इसके अलावा हर एक देश में किसी न किसी भारतीय कलाकार की अच्छी खासी फैन फॉलोइंग है जिसका लोगों को फायदा मिलता है.
स्टार्स की फैन फॉलोइंग और इमोशनल कहानी है Key फैक्टर
जैसे चीन में आमिर खान की अच्छी खासी फैन फॉलोइंग है ठीक उसी तरह अरब देशों में लोग शाहरुख खान के दीवाने हैं. अमेरिका में लोग अमिताभ बच्चन को काफी पसंद करते हैं. ऐसे में इन देशों में कलाकार विशेष की फिल्म रिलीज करने का फायदा मिलता ही मिलता है. एक और तर्क ये भी दिया जाता है कि भारत के अलावा अन्य देशों में भावनात्मक कहानियां कम ही बनाई जाती हैं. लिहाजा दर्शक इन्हें देखना चाहते हैं.
बता दें कि अंधाधुन, 3 इडियट्स, बजरंगी भाईजान और सुल्तान जैसी फिल्मों में विदेशों में अच्छी कमाई की है.
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