जब अपने जूतों की अलमारी में सो गए थे करण जौहर, सुनाया दिलचस्प किस्सा

बॉलीवुड के दिग्गज फिल्म निर्माता-निर्देशक और स्क्रीनराइटर करण जौहर मुंबई में आयोजित इंडिया टुडे कॉनक्लेव 2019 में पहुंचे. इस कार्यक्रम में उन्होंने फिल्म जगत से जुड़े ढेरों मुद्दों पर बातचीत की.

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करण जौहर और सुशांत मेहता करण जौहर और सुशांत मेहता

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 सितंबर 2019,
  • अपडेटेड 11:25 AM IST

बॉलीवुड के दिग्गज फिल्म निर्माता-निर्देशक और स्क्रीनराइटर करण जौहर मुंबई में आयोजित इंडिया टुडे कॉनक्लेव 2019 में पहुंचे. इस कार्यक्रम में उन्होंने फिल्म जगत से जुड़े ढेरों मुद्दों पर बातचीत की. साथ ही करण जौहर ने द "ड्रीम मेकर: करण जौहर ऑन रूलिंग बॉलीवुड" सेशन के दौरान मॉड्रेटर सुशांत मेहता से बातचीत के दौरान अपनी जिंदगी के कुछ दिलचस्प किस्से सुनाए. करण जौहर जूतों के बहुत शौकीन हैं और उनके पास शानदार जूतों का बेशुमार कलेक्शन है.

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करण जौहर ने इस इवेंट में बातचीत के दौरान उस किस्से के बारे में बताया जब वह अपने जूतों की अलमारी में सो गए थे. करण से जब इस वाकए के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "ये बताते हुए मैं बहुत ही अजीब और प्रिविलेज्ड इंसान लगूंगा. मेरे कमरे का एयर कंडिशनिंग सिस्टम गड़बड़ा गया था और मेरी जूतों वाली अलमारी में अतिरिक्त एयर कंडिशनिंग की व्यवस्था है तो मैं अपनी जूतों की अलमारी में जाकर सो गया." अपनी बात खत्म करने के बाद करण जौहर ने कहा, "हालांकि मैंने ये जान बूझकर नहीं किया था."

इस कार्यक्रम में करण जौहर ने लेखकों को बॉलीवुड का किंगमेकर और कहानी को इंडस्ट्री का किंग बताया. उन्होंने कहा, "मुझे लगता है यदि कोई बॉलीवुड का राजा है तो वो है कंटेंट (कहानी). मुझे लगता है कि हम सभी उसी के आधार पर काम करते हैं. सिर्फ कहानी ही बॉलीवुड की राजा है और कोई राजा नहीं है, कोई और रानी नहीं है. कोई भी शासक नहीं हैं."

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करण ने कहा, "सिर्फ सिनेमा और अच्छी कहानी ही है जो इस बात को परिभाषित करती है कि आज हमारे पास क्या कुछ मौजूद है. यदि कोई इसके अलावा किसी बात में यकीन रखता है तो मुझे लगता है कि वो गलत है और भ्रम में है." करण जौहर से जब पूछा गया कि क्या वह आज की तारीख में सबसे बड़े प्रोडक्शन हाउस नहीं हैं तो उन्होंने फिल्म कलंक का जिक्र करते हुए बताया, "हमने कुछ ही वक्त पहले एक फिल्म रिलीज की थी जो कि वैश्विक आपदा साबित हुई थी. ये एक ऐसी घटना थी जिससे हम सोचने पर मजबूर हो गए."

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