Sonali Bendre के बुक क्लब में बेटा शामिल, सुझाई पहली किताब

Sonali Bendre: ख्यात अभ‍िनेत्री सोनाली बेंद्रे कैंसर से लंबी लड़ाई लड़ रही हैं. वे हाल ही में अपना इलाज कराकर न्यूयॉर्क से लौटी हैं. सोनाली ने बताया था कि अभी उनकी ये लड़ाई पूरी नहीं हुई है. अब सोनाली अपने फैन्स और फैमिली के बीच बिजी हो गई हैं. सोनाली का सोशल मीडिया पर बुक क्लब काफी लोकप्रिय है. अब इससे उनके बेटे रणवीर भी जुड़ गए हैं.

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सोनाली बेंद्रे अपने बेटे के साथ सोनाली बेंद्रे अपने बेटे के साथ

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 दिसंबर 2018,
  • अपडेटेड 5:42 PM IST

कैंसर से पूरी मजबूती के साथ जंग लड़ने वालीं सोनाली बेंद्रे दूसरों के लिए इंस्पिरेशन बन गई हैं. पिछले दिनों वे न्यूयॉर्क से इलाज कराकर भारत लौटी हैं. अब सोनाली अपने फैन्स और फैमिली के बीच बिजी हो गई हैं. सोनाली बेंद्रे का सोशल मीडिया पर बुक क्लब काफी लोकप्रिय है. वे इसके जर‍िए अपने फैन्स को नई-नई क‍िताबें सुझाती हैं. अब इससे उनके बेटे रणवीर भी जुड़ गए हैं.

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सोनाली ने इंस्टाग्राम पर अपने बेटे रणवीर के साथ एक फोटो शेयर करते हुए लिखा है- " मेरे बेटे के पहले सोनालीज बुक क्लब होस्ट करने के बाद वह पढ़ने के प्रति बहुत उत्साहित हो गया है. इसलिए उसने हमें एक किताब सुझाई है; सोनालीज बुक क्लब के लिए अगली किताब का नाम है केनल ओपेल की 'हाफ ब्रदर'. बुक क्लब पर मैं इस मां-बेटे के पहले कलैबरेशन के लिए उत्साहित हूं. आप सबके साथ मैं इस बुक को आजमा रही हूं."

सोनाली अब अपनी हॉबीज को वक्त दे रही हैं, साथ ही ज्यादा से ज्यादा वक्त अपने करीबियों के साथ बिता रही हैं. कुछ दिन पहले उन्होंने अपनी बहन रूपा ताई के साथ सोशल मीडिया पर फोटोज शेयर की हैं और एक इमोशनल पोस्ट भी लिखा है. सोनाली ने लिखा था- मेरी बड़ी बहन जो कि मेरी दोस्त और रक्षक है. एक काउंसलर, एक हमदर्द और सुख दुख की साथी भी. रूपा ताई मेरे लिए ये सब और इन सबसे ज्यादा रही हैं. उन्होंने इस जर्नी में मेरे साथ रहने का हरसंभव प्रयास किया. मेरे डायग्नोसिस से लेकर मेरे इलाज के फैसले और उसके बाद इलाज कराने तक, मेरे साथ न्यूयॉर्क आने तक, वे मेरे साथ शुरू से अंत तक रहीं.

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इमोशनल पोस्ट लिख सोनाली ने किया बहन का शुक्रिया

आगे सोनाली ने लिखा था- वे मेरी देखभाल करने में जरूरत के मुताबिक किरदार बदलती गईं. एक डिक्टेटर, एक काउंसलर, एक एडवाइसर तो कभी एक साइलेंट सपोर्टर की तरह. वे हमेशा मेरे इर्द-गिर्द रहीं. बहनें एक खास रिलेशनशिप शेयर करती हैं. बुरे दिनों में उनकी मौजूदगी कई मुश्किलों के हल देती है और अच्छे दिनों में पलों को और खूबसूरत बना देती है. हम अब न्यूयॉर्क से वापस घर आ गए हैं. मगर इन 6 महीनें में मैं अपनी बहन के ऋणी हो गई हूं. ''

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