बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में कई सारे कलाकार ऐसे रहे हैं जिन्होंने बहुत छोटी उम्र से ही फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया. उनके अभिनय को काफी पसंद भी किया गया. इनमें से कुछ कलाकार ऐसे रहे जिन्होंने आगे जाकर अच्छा नाम भी कमाया और कुछ गुमनामी के अंधेरे में चले गए. मगर एक्टर सचिन पिलगाओंकर उन कलाकारों में से एक रहे जिन्होंने छुटपन से ही लोगों के दिलों पर राज किया. उनकी एक्टिंग प्रशंसकों को खूब भाई. चाहें फिल्में हों चाहें टीवी शो सचिन पिलगाओंकर के फॉलोअर्स में कोई कमी नहीं आई. जितना उन्हें मराठी फिल्मों में पसंद किया जाता है उतना ही उन्हें हिंदी सिनेमा में भी प्यार मिलता है.
सचिन का जन्म 17 अगस्त, 1957 को बॉम्बे में हुआ था. एक्टर ने 5 साल की उम्र से ही फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया था. चाइल्ड एक्टर के बेस्ट रोल के लिए उन्हें 2 बार नेशनल अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है. साल 1962 में हां माजा मार्ग एकला नाम की मराठी फिल्म में वे नजर आए थे. वहीं हिंदी सिनेमा की बात करें तो उन्होंने साल 1965 में फिल्म डाक घर से अपने करियर की शुरुआत की. मगर साल 1967 में ऋषिकेश मुखर्जी की फिल्म मंझिली दीदी में जब वे नजर आए तो उनके काम को नोटिस किया गया. इसके बाद उन्होंने ज्वेल थीव, ब्रह्मचारी, बचपन और शोले जैसी फिल्म में अहम रोल प्ले किए और उनकी स्टार छवि बन गई.
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1975 साल उनके करियर का अहम साल रहा. इस साल उन्होंने फिल्म गीत गाता चल में मेल लीड रोल के तौर पर डेब्यू किया. फिर साल 1976 में वो फिल्म आई जिसकी वजह से आज भी सचिन पिलगाओंकर को याद किया जाता है. फिल्म का नाम था बालिका वधु. फिल्म के पॉपुलर गाने बड़े अच्छे लगते हैं को भला कौन भूल सकता है. आज भी ये गाना सभी को खूब अच्छा लगता है. त्रिशूल, कॉलेज गर्ल, अंखियों के झरोखे से जैसी फिल्मों में भी सचिन की सीधी-सादी मासूम सी दिखने वाली छवि लोगों को पसंद आई.
तू तू मैं मैं से घर-घर पहुंचे सचिन पिलगाओंकर
बॉलीवुड से इतर मराठी सिनेमा में भी उनके योगदान को नहीं भुलाया जा सकता है. गामत जामत, ऐसी ही बनवा बनवी, माझा पाति करोड़पति जैसी फिल्मों में काम किया. साल 2000 के बाद से सचिन पिलगाओंकर ने मराठी सिनेमा पर फोकस करना शुरू कर दिया. वे जाना पहचाना, कैदी बंद और हिचकी जैसी हिंदी फिल्मों में भी नजर आए. एक्टर ने फिल्मों के इतर जब टीवी की ओर रुख किया तो भी उन्हें भरपूर सफलता मिली. वे तू तू मैं मैं और हद कर दी में नजर आए. इसके अलावा वे कई सारी मराठी फिल्मों का निर्देशन भी कर चुके हैं.
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