पिछले दिनों ये खबर चर्चा में रही थी कि ऋतिक रोशन स्टारर सुपर 30 अब बिहार के गणितज्ञ आनंद कुमार की बायोपिक नहीं रह गई है. निर्माताओं ने इसे एक स्वतंत्र काल्पनिक कहानी में बदल दिया है. हाल ही में इस बारे में फिल्म के निर्देशक विकास बहल ने बात की है.
निर्देशक विकास बहल का मानना है कि आनंद के संघर्ष की कहानी इतनी प्रेरणादायक है कि इसे 2 घंटे की फिल्म में दिखा पाना संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि दर्शकों को एक आम आदमी की शक्तिशाली कहानी देखना पसंद है, जो जुनून और ईमानदारी से असाधारण बन जाता है.
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विकास बहल ने कहा, "बायोपिक में निर्धन तथा वंचित वर्गो के बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की कहानी कही गई है. आनंद कुमार के कारण लोगों के जीवन में शिक्षा के कारण महत्वपूर्ण बदलाव हो रहे हैं और यही विषय फिल्म में सबसे प्रेरणादायक है."इस बायोपिक में मुख्य भूमिका निभा रहे ऋतिक रोशन के बारे में बहल का कहना है कि बॉलीवुड स्टार ऋतिक रोशन ने आनंद की कहानी में शक्तिशाली 'कंटेंट' को देखा. विकास ने हाल के एक आलेख में कहा था कि इस बायोपिक के माध्यम से आनंद कुमार से प्रभावित होकर अधिक से अधिक लोग उनके प्रयास का अनुकरण करने की कोशिश करेंगे.
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बहल का कहना है, "मैने विभिन्न पहलुओं पर आनंद कुमार के साथ कई सत्र किए हैं, जिससे बायोपिक में आनंद के जीवन का निचोड़ दिखाया जा सके. मैंने सुपर 30 के छात्रों से मुलाकात की है और यह एक अच्छा अनुभव रहा है." सुपर 30 निर्धन परिवार से आने वाले बच्चों को आईआईटी की तैयारी कराने के लिए चर्चित है.
महेन्द्र गुप्ता