Necessity is mother of all inventions, ये कहावत तो आपने जरूर सुनी होगी, और अब इस कहावत को सच कर दिखाया है एक्टर और होस्ट मनीष पॉल ने. मनीष पॉल ने लॉकडाउन के इन दिनों में घर बैठे ईजाद किया है अपना एक गेम शो जिसका नाम है ‘क्या बोलती पब्लिक'. ये शो आजकल शॉपिंग एप फ्लिपकार्ट पर आ रहा है, जिसके जरिए मनीष सुबह से लेकर शाम तक लोगों का मनोरंजन करने में जुटे हैं.
आपको बता दें कि लॉकडाउन से पहले मनीष पॉल सिंगिंग रिएलिटी शो सारेगामापा को होस्ट कर रहे थे और इसके अलावा वो इंडियन आइडल जैसे कई हिट शोज भी पहले होस्ट कर चुके हैं और बतौर हीरो फिल्मों में काम भी कर चुके हैं. नए शो को लेकर मनीष ने आजतक से खास बातचीत की है.
मनीष , आपको क्या लगता है कि पब्लिक घर में बैठे-बैठे क्या कह रही है?
मनीष पॉल- पब्लिक बहुत कुछ कह रही है और हम पब्लिक की हर बात सुन रहे हैं , लोगों को लगता है कि ये कठिन वक्त है. लेकिन मुझे लगता है कि ये ऐसा समय है जब कुछ नया किया जाए जिससे लोगों के चेहरे पर मुस्कुराहट भी रहे और वो बिजी भी रहें, और लोग इस शो को काफी एन्जॉय कर रहे हैं.
आप कैसे इस शो के जरिए लोगों के चेहरे पर स्माइल ला रहे हैं?
मनीष पॉल – देखिए मैं हमेशा हर माहौल में खुश रहता हूं और मैं यही चाहता हूं कि मेरे आसपास भी जितने लोग हैं वो खुश रहें, लॉकडाउन वाकई कठिन समय है लेकिन मैं समय को अपने पर हावी नहीं होने देता, जैसा समय हो हमें उसी हिसाब से रहना चाहिए, लॉकडाउन है इसलिए ये एक ऑनलाइन शो है जिसमें किसी को कहीं जाना नहीं पड़ रहा, आराम से घर पर बैठो और अगर लोग चाहें तो पूरा दिन लोग मेरे साथ ये गेम खेल सकते हैं तो ये एक बहुत बढ़िया तरीका है लोगों को बिजी रखने का.
इस गेम का फॉर्मेट क्या है इस पर थोड़ी रोशनी डालें.
मनीष पॉल – देखिए ये एक गेम शो है जिसमें बड़े ही सिंपल और एंटरटेनिंग सवाल हैं और लोग इस गेम में रोज जीत भी रहे हैं. जैसे मैं आपको उदाहरण देता हूं एक सवाल था कि हिन्दुस्तान का फेवरेट होस्ट कौन है अर्नब गोस्वामी या मनीष पॉल. हांलाकि, इस सवाल को पूछने के बाद मैं डर गया था कि मुझे वोट नहीं मिलने वाले, लेकिन मुझे बड़ी खुशी हुई कि मुझे 75 पर्सेंट वोट मिले. तो इसमें आपके स्क्रीन पर दो ऑप्शन आते हैं जिनमें से आपको एक ऑप्शन चुनना होता है और जिस ऑप्शन को सबसे ज्याद लोग चुनते हैं. वही सही जवाब होता है. तो इसमें कोई सही-गलत नहीं है, जिसको लोग ज्यादा चुनेंगे वो सही है.
मनीष आपको पता है कि आजकल लोग टीवी पर धार्मिक शोज बहुत देख रहे हैं तो क्या आपको लगता है कि लोग मुसीबत के वक्त में भगवान को याद कर रहे हैं?
मनीष पाल – देखो भगवान को तो हम लोग हर वक्त याद करते हैं चाहे अच्छा वक्त हो या बुरा वक्त हो, लेकिन जो लोग भगवान को इस वक्त ही याद कर रहे हैं उन्हे समझ में आ जाएगा कि भगवान को तो हर वक्त ही याद रखना पड़ेगा. लेकिन मैं ये नहीं कहूंगा कि लोग सिर्फ धार्मिक शोज ही देख रहे हैं बल्कि मैं ये कहूंगा कि लोग बहुत सारी पुरानी चीजों पर जा रहे हैं. तो मुझे लगता है कि हमें नेचर ने एक ऐसा टाइम दिया है कि खुद को देखो और खुद को पहचानो और थोड़ा आसपास भी देखो. मेरे ख्याल से एक अच्छा बदलाव भी आया है क्योंकि मुझे लगता है कि हमें चीजों के सकारात्मक पहलू भी देखने चाहिए तो इसलिए अगर लॉकडाउन है तो मेरे साथ बैठो, क्या बोलती पब्लिक खेलो, इनाम जीतो तो इससे बढ़िया क्या हो सकता है
आपकी जिंदगी में काफी बदलाव आया है. रसोई में भी आपक काफी एक्टिव हो गए हैं तो क्या है ये रसोई का राज?
मनीष जवाब – देखिए रसोई का राज ये है कि वैसे तो हसबैंड और वाइफ दोनों अपने अपने कामों में काफी बिजी होते हैं. लेकिन लॉकडाउन के चलते दोनों को एक साथ बिताने के लिए काफी वक्त मिल रहा है. और जब हसबैंड और वाइफ एक साथ समय बताते हैं तो थोड़ी तू तू-मैं मैं हो जाती है तो मैंने कहा कि इस कहासुनी में ये ध्यान रखा जाए कि बीवी को खुश रखना बहुत जरुरी है. देखिए मैं हर किसी से एक ही बात कहता हूं कि कोरोना से लड़ना है डरना नहीं है लेकिन बीवी से डरना है लड़ना नही है (हंसते हुए).
तो इस बात का ध्यान रखें और हां मैं आजकल कुकिंग भी कर रहा हूं और मुझे मजा आ रहा है नई नई चीजें करने में.
वैसे मैं आपको सच बताऊं कि जब मुझे ये शो मिला तो मैं घबरा रहा था कि मैं ये शो घर से कैसे करुंगा लेकिन आप मेरा ये कमरा देखिए कि मैं कैसे सब चीजें खुद ही हैंडल कर रहा हूं. तो ये बहुत अच्छी बात है कि हम एक शो बना रहे हैं, लोगों का मनोरंजन कर रहे हैं. लेकिन लॉकडाउन का पालन करके, तो आप देख सकते है कि मैं पूरा शो इस कमरे से बनाता हूं जो इंटरनेट के जरिए लोगों तक पहुंचता है. मुझे ये एक बहुत अच्छी चीज लगी.
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क्या हम कह सकते है कि ये एक नए ट्रेंड की शुरुआत है, जिसे हम मेड ऐट होम शोज कह सकते हैं, तो आपको क्या लगता है कि ये मजबूरी है जिसने हमें ये सब करना सिखा दिया है?
मनीष पॉल- बिलकुल , देखिए कहते हैं ना कि जब आदमी फंस जाता है तो कोई ना कोई रास्ता निकालता है तो मेरे हिसाब से हम सबके साथ वही हुआ है, हम फंसे और हम लोगों ने रास्ता निकालना शुरु कर दिया. जो मेरे विचार से एक पॉजीटिव बात सबको सीखनी चाहिए कि रस्ता मिलता नहीं. रस्ता खुद ढूंढ़ना पड़ता है तो मेरे विचार से ये जो एक नई चीज शुरु हुई है. वो बहुत अच्छी है लेकिन हम एक्टर लोग सब कुछ खुद ही कर रहे हैं, देखिए मैंने अपनी लाइटिंग भी खुद ही की है. अपना सेटअप मैंने खुद बनाया है और सच कहूं तो मैं इसे एन्जॉय भी कर रहा हूं.
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