महानायक अमिताभ बच्चन की अपकमिंग मूवी झुंड, कानूनी पचड़ों में पड़ती नजर आ रही है. कॉपीराइट उलंघन के तहत फिल्ममेकर नंदी चिन्नी कुमार ने फिल्म के डायरेक्टर और प्रोड्यूसर नागराज मंजुले, टी सीरीज के चेयरमैन भूषण कुमार और फिल्म के लीड एक्टर अमिताभ बच्चन को लीगल नोटिस दिया है.
फिल्म मेकर ने IANS को इंटरव्यू के दौरान बताया कि उन्हें नोटिस का जवाब केवल टी-सीरीज से मिला है. नंदी चिन्नी कुमार ने यह आरोप लगाया कि फिल्म के निर्माताओं द्वारा उन्हें धोखा दिया गया है और नंदी चिन्नी कुमार फिल्म की रिलीज को रोकने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की योजना बना रहे हैं.
कुमार का दावा है कि उन्होंने 2017 में फिल्म बनाने के अधिकार खरीद लिए थे, जो एक स्लम सॉकर खिलाड़ी थे और होमलेस वर्ल्ड कप में भारतीय कप्तान थे. नंदी चिन्नी कुमार ने नागपुर की एक बस्ती में पैदा हुए अखिलेश के जीवन पर स्लम सॉकर नामक बाइलिंग्वल फिल्म लिखने और निर्देशित करने की योजना बनाई थी. अखिलेश नशे का आदी था. मगर फुटबॉल को लेकर उसकी दिलचस्पी काफी तगड़ी है. उनके जुनून ने उनकी जिंदगी बदल दी और वे होमलेस वर्ल्ड कप में भारत के कप्तान भी बने.
बता दें कि फिल्म निर्देशक ने 11 जून, 2018 को तेलंगाना सिनेमा राइटर्स एसोसिएशन के साथ कहानी और पटकथा को रजिस्टर्ड करने का दावा किया है. वहीं मराठी ब्लॉकबस्टर सैराट के निर्देशक नागराज मंजुले ने विजय बरसे के जीवन पर एक फिल्म बनाने के अधिकार खरीदे, जो अखिलेश के कोच हैं.
इसी बात पर कुमार ने कथित तौर पर कॉपीराइट का उल्लंघन करने की बात कही है. उनके अनुसार नागराज मंजुले ने अखिलेश पॉल से 4 लाख रुपये में अधिकार खरीदने का दावा किया था, लेकिन वह इसके डॉक्यूमेंट्स नहीं दिखा रहे हैं. नंदी चिन्नी कुमार ने यह भी कहा, ‘अखिलेश उन्हें राइट्स बेचने की बात से इनकार कर चुका हैं. वे डॉक्यूमेंट्स ना दिखाने की शर्त पर समझौता करने के लिए विवश कर रहा है.
aajtak.in