Movie review: 'बैंजो' में संगीत तो है लेकिन इसका आनंद नहीं है...

गीत-संगीत को लेकर कई तरह की फिल्में बनी जिसमें से कुछ हिट हुई और कुछ फ्लॉप. इसी कड़ी में रितेश देशमुख अभिनीत एक और फिल्म आई है 'बैंजो'. जानें, क्या है इस फिल्म में खास...

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फिल्म का म्यूजिक अच्छा है. फिल्म का म्यूजिक अच्छा है.

वन्‍दना यादव

  • मुंबई,
  • 23 सितंबर 2016,
  • अपडेटेड 5:42 PM IST

फिल्म का नाम: बैंजो
डायरेक्टर: रवि जाधव
स्टार कास्ट: रितेश देशमुख, नरगिस फाकरी, धर्मेश येलांडे
अवधि: 2 घंटा 17 मिनट
सर्टिफिकेट: U/A
रेटिंग: 2.5 स्टार

डायरेक्टर रवि जाधव ने 'नटरंग', 'बालक पालक' जैसी एक से बढ़कर सुपरहिट मराठी फिल्में बनाई हैं और पहली बार रवि ने एक हिंदी फिल्म में हाथ आजमाया है. क्या रवि की बॉलीवुड में एंट्री लाजवाब होगी?

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आइए फिल्म की समीक्षा में इस बात का पता करते हैं...

कहानी
फिल्म की कहानी मुम्बई के रहने वाले बैंजो प्लेयर नन्द किशोर उर्फ तरात (रितेश देशमुख) की है जो वहां के लोकल मंत्री के लिए काम भी करता है, साथ ही अपने तीन दोस्तों पेपर, ग्रीस और वाजा के साथ फंक्शन्स में परफॉर्म भी करता है. तभी न्यूयॉर्क से क्रिस (नरगिस फाकरी) मुम्बई आती है जिसका मकसद यहां के लोकल बैंजो प्लेयर्स के साथ 2 गाने रिकॉर्ड करना है, जिनको वो न्यूयॉर्क के एक म्यूजिक कॉम्पिटिशन में भेज सके. क्रिस के मुम्बई आने पर कहानी में बहुत सारे ट्विस्ट और टर्न्स आते हैं और आखिरकार एक रिजल्ट सामने आता है, जिसे जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी.

स्क्रिप्ट
फिल्म की स्क्रिप्ट को असल जिंदगी के काफी करीब रखने की कोशिश की गई है.
कपिल सावंत और निखिल मेहरोत्रा के साथ खुद डायरेक्टर रवि जाधव ने भी लेखन में योगदान दिया है. कहानी में आपको इमोशनल, कॉमेडी और रोमांटिक तीनों रस सामने नजर आते हैं लेकिन किसी भी रस की पूर्ति नहीं हो पाती है. कुछ न कुछ अधूरा सा दिखाई पड़ता है. हालांकि फिल्म का सेकंड हाफ काफी अच्छा है लेकिन इसे कुछ खास तरह की ऑडिएंस ही पसंद करेगी.

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अभिनय
फिल्म में रितेश देशमुख ने किरदार को बखूबी निभाया है, और उनके एक्सप्रेशन्स से आप खुद को कनेक्ट कर पाते हैं. नरगिस फाकरी का काम भी अच्छा है. साथ ही फिल्म के बाकी सह कलाकारों ने उम्दा अभिनय किया है.

कमजोर कड़ी
फिल्म की कमजोर कड़ी इसकी कहानी है जो फर्स्ट हाफ में काफी धीमी है साथ ही कुछ गीत ऐसे भी आते हैं, जो कहानी की रफ़्तार को कमजोर बनाते हैं. स्टार वैल्यू की वजह से भी कमाई पर असर पड़ सकता है.

संगीत
विशाल-शेखर की जोड़ी ने फिल्म का म्यूजिक अच्छा दिया है और हरेक गीत को फिल्म से जोड़ने की भरपूर कोशिश की है. लेकिन कुछ गाने फिल्म की रफ़्तार को काफी कमजोर कर देते हैं.

क्यों देखें
रितेश देशमुख और विशाल शेखर के संगीत के फैन हैं तो एक बार फिल्म देख सकते हैं.

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