Film Review: मर्डर मिस्ट्री को सुलझाती है 'TE3N'

अमिताभ बच्चन, नवाजुद्दीन सिद्दीकी और विद्या बालन स्टारर फिल्म 'तीन' 10 जून की रिलीज होने वाली है. आइए जानते हैं कैसी है ये फिल्म...

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अमिताभ बच्चन और नवाजुद्दीन सिद्दीकी अमिताभ बच्चन और नवाजुद्दीन सिद्दीकी

स्वाति गुप्ता

  • मुंबई,
  • 09 जून 2016,
  • अपडेटेड 1:02 PM IST

फिल्म का नाम: TE3N
डायरेक्टर: रिभु दासगुप्ता
स्टार कास्ट: अमिताभ बच्चन, नवाजुद्दीन सिद्दीकी, विद्या बालन
अवधि: 2 घंटा 16 मिनट
सर्टिफिकेट: U/A
रेटिंग: 3 स्टार

अमिताभ बच्चन, नवाजुद्दीन सिद्दीकी और विद्या बालन की मौजूदगी में डायरेक्टर रिभु दासगुप्ता ने एक थ्रिलर फिल्म बनाई है. हालांकि इसके पहले रिभु ने 'युद्ध' सीरियल बनाया था जिसे दर्शकों ने नापसंद किया था. आइए जानते हैं कैसी है ये फिल्म...

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कहानी:
फिल्म की कहानी कोलकाता के रहने वाले एंग्लो इंडियन फैमिली की है जिसमें जॉन बिस्वास (अमिताभ बच्चन ) अपनी पत्नी के साथ रहते हैं. किन्ही कारणों से जॉन की पोती एंजेला की मौत हो जाती है और कातिल का पता लगाने के लिए जॉन, पुलिस इंस्पेक्टर सरिता सरकार (विद्या बालन) और चर्च के फादर मार्टिन (नवाजुद्दीन सिद्दीकी) से अक्सर मिलते जुलते रहते हैं.

फिर कहानी में कई सारे ऐसे उतार चढ़ाव आते हैं जिसकी वजह से कातिल का पता लगा पाना काफी मुश्किल होने लगता है. अब क्या जॉन, मार्टिन और सरिता की ये कोशिश सार्थक सिद्ध होगी? क्या कातिल का पता चल पाएगा? ये जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी.

स्क्रिप्ट:
यह फिल्म साउथ कोरियन फिल्म 'मोंटाज' से प्रेरित है जिसके राइट्स प्रोड्यूसर सुजॉय घोष ने लेकर 'TE3N' बनाने का प्रयास किया है. फिल्म की कहानी अच्छी है, जो कि परत दर परत आपको सस्पेंस में बांधे रखती है. फिल्म में एक्चुअल लोकेशन की शूटिंग भी काफी दिलचस्प है जिसके द्वारा आप कोलकाता शहर को बखूबी देख सकते हैं. फिल्म का फर्स्ट हाफ लम्बा है, लेकिन सेकेंड हाफ की रफ्तार सही है.

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अभिनय:
दादा के किरदार में अमिताभ बच्चन ने फिल्म में बहुत अच्छा काम किया है. वहीं नवाजुद्दीन सिद्दीकी एक बार फिर से अपने उम्दा अभिनय के जरिए आपका दिल जीत लेंगे. पुलिस वाले के किरदार में विद्या बालन भी इस कहानी को और भी दिलचस्प बनाती हैं. फिल्म की बाकी कास्टिंग भी किरदारों के हिसाब से सही है.

कमजोर कड़ी:
फिल्म की कमजोर कड़ी इसकी रफ्तार है, फर्स्ट हाफ काफी लम्बा लगता है और फिल्म देखते वक्त आपको अपना पूरा ध्यान इसी पर केंद्रित पड़ेगा क्योंकि कई ऐसे सीक्वेंस हैं जिन्हे आप मिस करते हैं तो कहानी आगे बढ़ जाती है.

संगीत:
फिल्म का संगीत और बैकग्राउंड स्कोर अच्छा है जो आपको कहानी से बांधे रखता है. हक, क्यों रे और ग्रहण अच्छे गाने हैं.

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