एक्टर चैडविक बोसमैन ने जब 'कैप्टन अमेरिका: सिविल वॉर' (2016) में ब्लैक पैंथर के किरदार में एंट्री ली, तो थिएटर्स में फैन्स की एनर्जी देखने लायक थी. 2018 में मार्वल ने उनके किरदार को एक सोलो फिल्म दी. और 'ब्लैक पैंथर' में किंग त'चाला की पूरी जर्नी और दुनिया की नजर से छिपे उनके देश 'वाकांडा' को देखकर लोगों की आंखें खुली रह गईं. लेकिन 2020 में, कोलोन कैंसर से चैडविक का निधन हो गया. और तबतक 'ब्लैक पैंथर 2' पर काम शुरू हो चुका था.
मेकर्स ने अनाउंस किया कि 'ब्लैक पैंथर 2' में चैडविक की जगह किसी और एक्टर को कास्ट नहीं किया जाएगा और न ही स्पेशल इफेक्ट्स के जरिए उनके किरदार को दोबारा स्क्रीन पर उतारा जाएगा. फैन्स ने स्टूडियो के इस फैसले का स्वागत भी किया लेकिन उनमें एक नई एक्साइटमेंट भी आई. ये देखने की कि आखिर अब वाकांडा का रक्षक कौन होगा और मार्वल के आने वाले फेज में महत्वपूर्ण भूमिका रखने वाले इस किरदार, और इस देश की कहानी कैसे डेवलप होगी?
तो 'ब्लैक पैंथर: वाकांडा फॉरएवर' देखने के बाद जो सबसे पहली बात मन में आती है वो ये है कि एक्टर चैडविक बोसमैन और वाकांडा के किंग त'चाला को इससे बेहतरीन ट्रिब्यूट नहीं हो सकता. ट्रेलर से ये साफ हो गया था कि वाकांडा का रक्षक ब्लैक पैंथर लौटने वाला है. रियल लाइफ में चैडविक की तरह, फिल्म की कहानी में भी उस किरदार का ही निधन हुआ है जो चैडविक निभाते थे, यानी किंग त'चाला का. तो सवाल ये है कि अब नया ब्लैक पैंथर कौन होगा?
इस सवाल का जवाब आपको फिल्म देखकर ही बेहतर मिलेगा. क्योंकि हीरो सिर्फ एक आइकॉन होते हैं, उम्मीद की एक मशाल होते हैं. लेकिन उस उम्मीद को जमीन पर बदलाव की शक्ल देने की इंस्पिरेशन आती है उस हीरो के बनने की कहानी से. और 'ब्लैक पैंथर: वाकांडा फॉरएवर' भले एक सीक्वल हो, लेकिन अपनी कहानी की यूनिक सिचुएशन की वजह से ये एक ऑरिजिन-स्टोरी की तरह भी काम करती है.
कहानी
बिना स्पॉइलर दिए बताएं तो कहानी सीधी सी है. किंग त'चाला के जाने के बाद वाकांडा में अब कोई ब्लैक पैंथर नहीं है. किंग की पॉलिसी थी कि अभी तक दुनिया की नजरों से दूर रहे वाकांडा के दरवाजे दुनिया के बाकी देशों के लिए भी खुलें. त'चाला का ये फैसला इसलिए था कि दुनिया वाकांडा की बेहतरीन टेक्नोलॉजी से सीख सके, उसे बांट सके और तरक्की की तरफ बढ़े. लेकिन दूसरे देशों का एम्बिशन सिर्फ कुछ क्रिएट ही नहीं करता, तबाह भी कर सकता है. 'ब्लैक पैंथर: वाकांडा फॉरएवर' में वाकांडा एक उदास देश है जिसने अपने सुप्रीम लीडर को अभी अभी खोया है और कमजोर है.
उन्हें ताकतवर बनाने वाले वाइब्रेनियम पर इस वक्त सबकी नजर है और कई देशों ने वाकांडा के आसपास, इस अद्भुत शक्तिशाली मेटल के नए सोर्स खोजने शुरू कर दिए हैं. ऐसे ही एक मिशन पर अमेरिकन एजेंसी की एक मशीन, समुद्र के नीचे बसे तालोकान (Talokan) किंगडम को डिस्टर्ब कर देती है. गणित सीधा सा है, तालोकान के किंग नेमॉर को लगता है कि वाकांडा ने अपने दरवाजे दुनिया के लिए खोले, इसलिए उनपर भी खतरा आ गया है. दूसरी तरफ, वाइब्रेनियम के मिशन पर निकले बेड़े को तालोकान ने तबाह कर दिया है. और अमेरिकन एजेंसी को उस इलाके में सिर्फ वाकांडा के होने का पता है, इसलिए वो वाकांडा को विलेन मान रहे हैं. यानी वाकांडा के सामने चैलेंज दोनों मोर्चे पर है.
जहां दुनिया के बाकी देशों से उसे कोई डर नहीं है, वहीं नेमॉर एक खतरनाक और शक्तिशाली सुपरहीरो है. उसकी सेना भी बहुत बड़ी और ताकतवर है. यानी वाकांडा को अब बहुत जोर से नए ब्लैक पैंथर की जरूरत है. तो इसबार ये सूट कौन पहनेगा? इस कहानी में बड़ी दिलचस्पी के साथ एक नए किरदार रिरी विलियम्स की एंट्री भी है, जिसे ट्रेलर में आपने नए सुपरहीरो आयरनहर्ट के सूट में देखा होगा.
डायरेक्शन
डायरेक्टर रायन कूगलर को इस बात का पूरा क्रेडिट मिलना चाहिए कि एक असाधारण सिचुएशन में से उन्होंने एक बेहतरीन कहानी निकाली है. आपका लीडिंग एक्टर अब दुनिया में नहीं है. और उसका किरदार 'अवेंजर्स: एंड गेम' में आयरनमैन के मरने और कैप्टन अमेरिका के रिटायर होने के बाद मार्वल यूनिवर्स की आगे की कहानियों में एक बड़ी भूमिका निभाने वाला है. ऐसे में असल रियलिटी और ऑनस्क्रीन दोनों जगह आपके सामने एक बड़ा चैलेंज है. ऊपर से दुनिया भर के करोड़ों फैन्स को निराश न कर देने का प्रेशर भी है.
इस सिचुएशन में से रायन ने जिस तरह कहानी को आगे बढ़ाया है वो बहुत बेहतरीन है. कहानी के ट्रीटमेंट में वो द्वंद्व बराबर बना रहता है जहां एक तरफ तो वल्नरेबल हो चुका वाकांडा है, दूसरी तरफ किंग त'चाला के शोक में डूबी वाकांडा रॉयल्टी. यानी शुरी, क्वीन रमोंडा, नाकिया और ओकोए.
ये सब करने के साथ उन्हें नेमॉर को भी स्क्रीन पर दमदार तरीके से लाना था, जो मार्वल के सबसे पावरफुल किरदारों में से एक है. 'ब्लैक पैंथर: वाकांडा फॉरएवर' में नेमॉर की एंट्री बहुत जोरदार है और वो एक ऐसा विलेन है जिसकी पावर और सोच दोनों बहुत खतरनाक हो सकती है.
एक्टिंग परफॉरमेंस
वाकांडा की क्वीन रमोंडा के किरदार में एंजेला बैसेट को स्क्रीन पर देखना आपने रोंगटे खड़े कर देगा. उनकी एक्टिंग में फिजिकल एलिमेंट बहुत दमदार है और उनका हर एक्सप्रेशन सिर्फ चेहरे पर ही नहीं, पूरी बॉडी लैंग्वेज में दिखता है. शुरी और नेमॉर के साथ उनकी कन्वर्सेशन तो दमदार है ही, यूएन में उनकी स्पीच गजब का मोमेंट लगता है.
शुरी का रोल निभा रहीं लेटिशिया राईट (Letitia Wright) ने अपने रोल को उसी संजीदगी के साथ जिया है जिसकी उम्मीद उनके किरदार से थी. नेमॉर के रोल में तेनोच ओएर्ता मेहीया (Tenoch Huerta Mehia) की प्रेजेंस और एक्टिंग दमदार है. ओकोए के रोल में दानाई गुरीरा (Danai Gurira), नाकिया बनीं लुपिता न्योंग'ओ (Lupita Nyong'O), रिरी विलियम्स का किरदार निभा रहीं डोमिनिक थोर्न (Dominique Thorne) और बाकी सभी किरदारों का काम भी बेहतरीन है. बल्कि 'ब्लैक पैंथर: वाकांडा फॉरएवर' मार्वल की उन फिल्मों में से है जहां एक्टर्स का काम इसे देखने की एक बड़ी वजह भी है.
कमियां
फिल्म की पेस कुछ लोगों के लिए थोड़ी स्लो हो सकती है. हालांकि, मेरे हिसाब से किंग त'चाला और 'एंड गेम' के ब्लिप वाले पूरे हिस्से के बाद, वाकांडा की दुनिया को एक नए सिरे से तैयार करने के लिए डायरेक्टर को इस वक्त की जरूरत भी थी. अंडर वाटर संसार तालोकान, स्क्रीन पर उतना शानदार नहीं दिखता जितनी उम्मीद कुछ लोगों को होगी. बल्कि इसमें एक रियलिज्म सा है यानी नॉर्मली स्कूबा डाइविंग करने वाले को समुद्र के नीचे जो कुछ दिखेगा, नेमॉर के किंगडम में भी वैसा ही फील है. इसके अलावा क्लाइमेक्स में दोनों बड़े किरदारों की फाइट थोड़ी सी जल्दी खत्म होती हुई लगी. मतलब ये फेस ऑफ थोड़ा और लंबा चलता तो बेहतर होता.
कुल मिलाकर 'ब्लैक पैंथर: वाकांडा फॉरएवर' एक दमदार सीक्वल है और चैडविक बोसमैन के निधन से आगे निकलने में अपना पूरा समय ललेती है. वाकांडा के दोबारा खड़े होने की कहानी कहने में रायन कूगलर ने अपना पूरा समय लिया है और नेमॉर के रूप में एक ऐसा एंटी-हीरो दिया है जो मार्वल की आने वाली कहानियों में बहुत असरदार होगा.
सुबोध मिश्रा