फिल्मी दुनिया में सबकी जर्नी एक जैसी नहीं होती, खासकर बड़े स्टार्स की. कोई आते ही छा जाता है, कोई धीरे-धीरे अपना मुकाम बनाता है. मौजूदा दौर में तीनों खान के अलावा अजय देवगन-सुनील शेट्टी-गोविंदा जैसे स्टार्स के बीच निकलकर किसी ने अलग पहचान बनाई तो वो हैं अक्षय कुमार. कभी सिंपल-नॉर्मल एक्टरसमझे जाने वाले अक्षय कुमार ने इस मुकाम को हासिल किया तो उसके पीछे सिर्फ और सिर्फ हर जोन में फिट बैठने की काबिलियत है. आज अक्षय कुमार के खाते में कोई बहुत बड़ी ऐतिहासिक सुपर-डुपर हिट फिल्म भले ही ना हो लेकिन उनके पास कई हिट और शानदार कमाई करने वाली फिल्में हैं. 30 साल में मॉडल से लेकर कामयाब एक्टर का सफर किसी ने स्टेप वाइज तय किया है तो वो अक्षय कुमार ही कहे जा सकते हैं.
एक्शन से शुरुआत
30 साल पहले अक्षय कुमार ने हिंदी फिल्मों में डेब्यू किया था. पहली फिल्म सौगंध थी, जिसमें उनके साथ मुकेश खन्ना थे. अक्षय एक्शन के जरिए आगे बढ़ेंगे वो तभी तय हो गया था क्योंकि हैंडस्टैंड एंट्री बहुत चर्चा का विषय बनी थी. फिर अक्षय ने अगले 4-5 सालों तक कई एक्शन फिल्में कीं. उस वक्त गोविंदा-सुनील शेट्टी और अजय देवगन जैसे स्टार भी खूब एक्शन बेस्ड फिल्में किया करते थे. पर अक्षय को असली पहचान खिलाड़ी फिल्म सीरीज से मिलीं. इन फिल्मों से वे बतौर एक्शन स्टार स्थापित हो गए.
2000 में बदली इमेज
शिल्पा शेट्टी और महिमा चौधरी के साथ साल 2000 में धड़कन फिल्म बड़े पर्दे पर आई. शानदार गानों से सजी इस फिल्म ने अक्षय कुमार की इमेज बड़े पैमाने पर बदलने का काम किया. सिर्फ एक्शन कर रहे एक एक्टर को इस फिल्म से घरों में पहचान मिलीं, एक रोमांटिक एक्टर वाली इमेज क्रिएट हुई. पहले दस साल में उनको जो नहीं मिल पाया था इस फिल्म और इसके बाद आने वाली फिल्में जैसे हेराफेरी, अजनबी, अंदाज, नमस्ते लंदन से मिली. अजनबी में निगेटिव रोल के लिए अक्षय को कई अवॉर्ड्स भी मिले.
हेराफेरी फिल्म करने के बाद अक्षय एक अच्छे कॉमिक एक्टर के तौर पर भी गिने जाने लगे. अक्षय ने इसके बाद कई कॉमिक रोल किए जिसमें गरम मसाला, भागमभाग, मुझसे शादी करोगी, सिंह इज किंग कीं जिन्होंने ठीकठाक कमाई की.
एक्शन-कॉमेडी से देशभक्ति वाली फिल्मों का सफर
2009-2010 के बाद अक्षय कुमार ने फिल्मों के सिलेक्शन में बड़ा बदलाव किया. उन्होंने एक्शन के बाद खुद को कॉमेडी से भी शिफ्ट करते हुए देशभक्ति भावना से जुड़ी फिल्मों का चुनाव किया. इसके बाद बॉक्स ऑफिस पर आईं उनकी कई फिल्में जैसे- बेबी, हॉलीडे, एयरलिफ्ट. साथ ही उन्होंने इस दौरान राउडी राठौर, स्पेशल 26 जैसी फिल्में भी कीं, जिनमें उनका किरदार एकदम अलग था. इसी दौरान रुस्तम के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड भी मिला जो कि 2016 में रिलीज हुई थी.
फिर अक्षय ने टॉयलेट-एक प्रेम कथा, पैडमैन जैसी फिल्में कीं जो कि सामाजिक मुद्दों से जुड़ी फिल्में थीं. इन फिल्मों ने ना सिर्फ कमाई की बल्कि अक्षय की इमेज में भी बड़ा बदलाव किया. केसरी भी इसी दौरान रिलीज हुई जिसने कमाई के कई रिकॉर्ड तोड़े.
हिट और कमाई का फिट फॉर्मूला
अक्षय कुमार कई इंटरव्यू में कह चुके हैं कि वो ऐसी फिल्में बनाना पसंद करते हैं जिनकी शूटिंग 40-50 दिन में हो जाए. एक फिल्म को वो 1-2 साल नहीं देना चाहते. इसी ट्रेंड्र से अक्षय ने पिछले 4-5 साल में लगातार हर साल 3-4 फिल्में रिलीज कीं. अगर फिल्म ने बहुत अच्छा किया तो ठीक नहीं तो उनकी सारी फिल्में एवरेज से ज्यादा ही चलीं. यानी कमाई सबने ठीक-ठाक की. कम लागत, कम वक्त में फिल्म बनाकर कमाई कर लेना इसे अक्षय कुमार ने इंडस्ट्री में फॉर्मूला बना दिया.
अक्षय के अपकमिंग प्रोजेक्ट्स
कोरना के बीच ओटीटी पर उनकी फिल्म लक्ष्मी आई जिसपर बहुत मिक्स रिएक्शन मिले. कई लोगों ने इसे खराब फिल्म भी बताया. अब आगे अक्षय कुमार के पास फिलहाल बेलबॉटम, पृथ्वीराज, बच्चन पांडे, रक्षाबंधन, रामसेतु जैसी फिल्में हैं. सूर्यवंशी बनकर तैयार है जिसे सिनेमाघरों में रिलीज करने का प्लान है.
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