दरभंगा के बाद मधुबनी मिथिला संस्कृति का दूसरा सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है. मिथिला पेंटिंग एवं मखाना के पैदावार की वजह से यह दुनिया भर में जाना जाता है. 2014 में यहां से बीजेपी के वरिष्ठ नेता हुकुमदेव नारायण यादव जीतकर संसद पहुंचे. वे ग्रामीण परिवेश से आने वाले और किसानों के पक्षधर नेता माने जाते हैं. मधुबनी से वे चार बार सांसद रहे हैं. मधुबनी संसदीय क्षेत्र की 6 विधानसभा सीटों में से 2015 के चुनाव में तीन सीटें आरजेडी, एक बीजेपी, एक कांग्रेस और एक आरएलएसपी ने जीती. इस सीट से जगन्नाथ मिश्रा सांसद रह चुके हैं. वे बिहार के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं. दो बार कांग्रेस के शकील अहमद भी इस सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. मधुबनी लोकसभा क्षेत्र में वोटरों की संख्या 1,397,256 है. यहां महिला मतदाता 641,444 जबकि पुरुष मतदाता 755,812 हैं.