बिहार की काराकाट लोकसभा सीट पहले बिक्रमगंज संसदीय क्षेत्र में थी लेकिन 2008 में इसे अलग सीट का दर्जा मिला. काराकाट रोहतास जिले में है. ये इलाका नक्सल प्रभावित है. रोहतास जिला कभी उद्योग का केंद्र होता था लेकिन नक्सली हिंसा ने इसकी कमर तोड़ दी. अब वित्तीय रूप से पिछले और गरीब जिलों में शुमार है. आरएलएसपी चीफ उपेंद्र कुशवाहा यहां से सांसद हैं जिन्होंने 2014 के चुनाव में आरजेडी की प्रत्याशी कांति सिंह को हराया था. 2014 के चुनाव में इस सीट से मैदान में कुल 15 उम्मीदवार थे. उपेंद्र कुशवाहा जीते और दूसरी नंबर पर रहीं कांति सिंह. उपेंद्र कुशवाहा को 338892 वोट मिले जबकि कांति सिंह को 233651. तीसरे स्थान पर जेडीयू के महाबली सिंह थे जिन्हें 76709 वोट मिले. 2019 चुनाव से ठीक पहले उपेंद्र कुशवाहा ने पाला बदल लिया. एनडीए का साथ छोड़ उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएसपी महागठबंधन का हिस्सा बन गई. काराकाट लोकसभा सीट पर वोटरों की कुल संख्या है 1,386,634. इनमें से महिला वोटरों की संख्या है 638,177. जबकि पुरुष वोटरों की संख्या है 748,457.